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बिजली मूल्य वृद्धि व बेतहाशा बिजली कटौती के खिलाफ भाजपा ने किया हल्ला बोल

बिजली मूल्य वृद्धि व बेतहाशा बिजली कटौती के खिलाफ भाजपा ने किया हल्ला बोल

 

एकदिवसीय धरना प्रदर्शन कर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा।

 राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। 

गरियाबंद। भाजपा प्रदेश नेतृत्व के आव्हान पर भाजपा जिला गरियाबंद ने बिजली मूल्य की वृद्धि एवं अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ जिला मुख्यालय स्थित गांधी मैदान में एकदिवसीय धरना प्रदर्शन कर प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए हल्ला बोला। भाजपा नेताओं ने कहा कि भाजपा शासन के समय सरप्लस बिजली वाला प्रदेश छत्तीसगढ़ आज अघोषित बिजली कटौती के कारण अंधेरे में रहने को विवश हैं। किसानों को खेती के लिए, उद्योग-धंधों को भी अपनी जरूरत के लिए अब यहां बिजली मिलना मुहाल है। धरना प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश साहू ने किया।

धरना प्रदर्शन को भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद चंदूलाल साहू ने संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने वादाखिलाफी एवं विश्वासघात की सभी हदों को पार कर दिया है। कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से ही चल रहे अघोषित बिजली कटौती से प्रदेश की जनता बुरी तरह परेशान है। उन्होंने प्रदेश की भूपेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी योजना को लेकर कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं से सवाल करते हुए पूछा है कि इस योजना में बजट की क्या व्यवस्था है। कहा है कि केंद्र सरकार के विभिन्न योजनाओं के पैसे को यह डायवर्ट करके अपने इस योजनाओं में लगा रही है। गौठानों की हालत खराब है। प्रदेश में अब गोबर की चोरी और घोटाला होने लगा है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया तो जांच बिठाया गया है। श्री साहू ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में सरप्लस बिजली उत्पादन है, इसके बाद भी भूपेश सरकार बिजली कटौती कर रही है। इसे लेकर सही तरीके से व्यवस्था नहीं कर पा रही है, अधिकारी-कर्मचारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। बिजली बिल हाफ करने की बात कही थी, बिजली बिल में बढ़ोतरी कर दिया गया है। बिजली मूल्य वृद्धि वापस लेने के लिए भाजपा लड़ाई लड़ रही है। जिसको लेकर राज्यपाल के नाम से ज्ञापन सौंपा गया है।

बिन्द्रानवागढ़ विधायक डमरूधर पुजारी ने प्रदेश सरकार पर चुटकी लेते हुए कहा कि प्रदेश के किसानों में इतनी अच्छी समझ है कि वह चुनावी फसल को बोना जानती है तो उसे भली-भांति काटने का जज्बा भी रखती है। अघोषित बिजली कटौती से सबसे ज्यादा किसान परेशान हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता अभी से आगामी विधानसभा चुनाव 2023 की तैयारियों में जुट जाएं और प्रदेश की कांग्रेस सरकार के गलत नीतियों को जन-जन तक पहुंचाए।

भाजपा जिला अध्यक्ष राजेश साहू, प्रदेश किसान मोर्चा प्रभारी संदीप शर्मा, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष रामकुमार साहू, जिला महामंत्री अनिल चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है। कांग्रेस सरकार जनता के विश्वास के अनुरूप कार्य नहीं कर पा रही है। प्रदेश में 25 से 30 प्रतिशत सिंचाई नहरों के माध्यम से होती है, बाकी वर्षा एवं बिजली पर किसान कृषि के लिए निर्भर रहती है। अवर्षा व खंड वर्षा से किसान खासे परेशान हैं, लेकिन कांग्रेस सरकार अन्नदाता कहे जाने वाले किसानों की समस्याओं को लगातार अनदेखी कर रही है। 

इसके अलावा धरना को मुरलीधर सिन्हा, मिलेश्वरी साहू, सुरेंद्र सोनटेके, कमल सिन्हा, संदीप पांडेय, परस देवांगन, पारस ठाकुर, कमलेश साहू, पीलूराम यादव, अनूप भोंसले, रिखीराम यादव ने भी संबोधित किया।

बिजली की व्याप्त समस्याओं को लेकर बरसे पानी मे धरना प्रदर्शन करने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्य की कांग्रेस सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय पहुंचकर राज्यपाल के नाम नायाब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।

इस अवसर पर घनश्याम सिन्हा, राधेश्याम सोनवानी, प्रवीण यादव, विनोद यादव, धनंजय नेताम, वंशगोपाल सिन्हा, बिंदु सिन्हा, रेणुका साहू, सागर मयानी, रितेश यादव, , तोरण सागर, प्रह्लाद ठाकुर, आनंद ठाकुर, गुलेश्वरी ठाकुर, सीमा जांगड़े, मधु देवांगन, किशोर यदु, विनोद नेताम, संजू साहू, देवेश्वर गजेंद्र, सलीम खान, दिपेश दीवान, लालसिंग दीवान, दालचंद, गुलशन सिन्हा, प्रकाश यादव, हेमंत तिरपुुडे, सुनील यादव सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।