breaking news New

डॉ. सिमी श्रीवास्तव एक लाख के पुरस्कार से पुरस्कृत

 डॉ. सिमी श्रीवास्तव एक लाख के पुरस्कार से पुरस्कृत

 मनोवैज्ञानिक सुश्री शिवली श्रीवास्तव ने ऑटिज्म व मानसिक दिव्यांगता से ग्रसित बच्चों के संबंध में शोधपत्र में दिया सहयोग 

रायपुर। ऑटिज्म व मानसिक दिव्यांगता से ग्रसित बच्चों के अभिभावकों के लिए आत्मकरूणा और मानसिक स्वास्थ्य पर शोधकर्ताओं डॉ. सिमी श्रीवास्तव एवं उनकी पुत्री शिवली श्रीवास्तव को डॉ. किरणबेदी संस्थापक इंडिया विजन फाउंडेशन नईदिल्ली द्वारा विगत 15 नवंबर को रीटा पेशावरिया मेनन फैलोशिप अवार्ड से प्रमाण सहित एक लाख रूपए की राशि से पुरस्कृत किया गया।

उक्त जानकारी डॉ. श्रीवास्तव एवं शिवली ने प्रेसक्लब रायपुर में आयोजित पत्रकारवार्ता में दी। पत्रकारवार्ता में डॉ. सिमी ने बताया कि वे आकांक्षा लाइंस इंस्टिट्यूट ऑफ लर्निंग एंड एंपावरमेेंट रायपुर की डायरेक्टर प्रोजेक्ट एवं रिसर्चर हैं। उन्होंने बताया कि शिवली श्रीवास्तव मनोवैज्ञानिक संस्थापक शिवटेंसिटी रायपुर में कार्यरत हैं। बेबीलॉन प्लाजा में स्थित कार्यालय में वे मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों एवं उनके माता-पिता/अभिभावक से मिलकर उन्हें स्वस्थ करने के लिए हर स्तर पर प्रयास करती हैं।

ज्यादातर मां-बाप बच्चों की दिव्यांगता को स्वीकार नहीं कर पाते। आज भी भारतीय समाज में दिव्यांगता को अभिषाप के रूप में गिना जाता है जबकि यह बीमारी है और इसका इलाज मनोवैज्ञानिक तरीके से किया जाता है। 

उन्होंने अपनी शोध में आत्मकरूणा के तीन वर्गों में यथा आत्मदया, आत्मनिर्णय, सामान्य मानवता, एकांत, सचेतन, अतिचेतना के साथ मानसिक अवसाद एवं कार्यरत लोगों मानसिक तनाव को दूर करने पर जोर दिया है। इसके साथ ही दिव्यांगता से ग्रसित बच्चों के उपचार डॉ. सलाह, देख-रेख आदि से बीमारी को पूर्ण रूप से ठीक किया जाता है। 

वर्तमान स्थिति में शोध के अनुसार 21 प्रकार की दिव्यांगता है जिस पर पूरे विश्व भर में आत्मचिंतन का दौर चल रहा है। मरीजों को ठीक करना ही मनोवैज्ञानिकों का लक्ष्य है।