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केन्द्र 18 वर्ष से अधिक के लोगो को वैक्सीन लगवाने की कार्य योजना से कराए अवगत-भूपेश

केन्द्र 18 वर्ष से अधिक के लोगो को वैक्सीन लगवाने की कार्य योजना से कराए अवगत-भूपेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर 18 वर्ष से अधिक के लोगो को कोरोना वैक्सीन लगवाने की कार्य योजना से राज्यों को अवगत करवाने का अऩुरोध किया है।

श्री बघेल ने यह अनुरोध करते हुए आज लिखे पत्र में कहा हैं कि छत्तीसगढ़ की 2 करोड़ 90 लाख आबादी में एक आकलन के अनुसार लगभग 1 करोड़ 30 लाख लोग 18-44 वर्ष आयु समूह के हैं, जिन्हें कुल 2 करोड़ 60 लाख डोज़ लगनी है। 45 से अधिक आयु के 58.7 लाख लोगों में से 72 फीसदी का वैक्सीनेशन किया जा चुका है। राज्य में फ्रंट लाइन वर्कर को मिलाकर अब तक पौने 48 लाख लोगों को कोविड वैक्सीन की प्रथम डोज और 6 लाख 34 हजार लोगों को दूसरी डोज़ मिलाकर कुल 54 लाख से ज्यादा डोज़ वैक्सीन लगवाई जा चुकी है।

उन्होने पत्र में लिखा हैं कि छत्तीसगढ़ में हम प्रतिदिन तीन लाख डोज़ वैक्सीन लगाने की क्षमता रखते हैं।इसलिये वैक्सीन की उपलब्धता, मूल्य आदि के संबंध में अत्यावश्यक जानकारियों के लिये प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन जी, सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक को पत्र लिखा गया था। अब तक सिर्फ भारत बायोटेक ने ईमेल के माध्यम से लिखित में हमें अवगत कराया है कि हमारे द्वारा आदेशित 25 लाख डोज को-वैक्सीन की आपूर्ति जुलाई 21 के अंत तक करने का प्रयास किया जायेगा।

भारत बायोटेक द्वारा सिर्फ 25 लाख डोज उपलब्ध कराने के लिये तीन महीने का समय मांगा गया है तो हमें आवश्यक वैक्सीन डोज प्राप्त करने में पूरा वर्ष निकल जायेगा जो कि वैक्सीनेशन को विफल भी कर सकता है।श्री बघेल ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया हैं कि सभी राज्यों में वैक्सीन आबंटन जनसंख्या तथा पॉजिटिविटी रेश्यो, एक्टिव पेशेंट रेश्यो को ध्यान में रखते हुए किया जाय ताकि देश के सभी राज्यों में एक साथ वैक्सीनेशन प्रारंभ हो सके।

उन्होंने पत्र में लिखा है कि आपके द्वारा वैक्सीन के दामों को लेकर आश्वासन दिया गया है। हमारा अब भी आग्रह है कि एक वैक्सीन एक दाम की नीति अवश्य लायी जाये ताकि छत्तीसगढ़ जैसे विकासशील राज्य अपने संसाधनों का अधिक मितव्ययता से कोविड संघर्ष के दूसरे आयामों पर रचनात्मक व्यय कर सकें। उन्होने पत्र में कहा हैं कि कोविड वैक्सीन आज एक प्राणरक्षक के रूप में सामने आयी है, इस पर से सारे टैक्स हटा लिये जाने चाहिये ताकि ये कम से कम दामों पर उपलब्ध हो सके।