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खबर का असर : कबीर मेडिकल स्टोर को कलेक्टर ने सील किया..एफआईआर भी दर्ज..मेडिकल संचालक कोरोना पाजिटिव होने के बाद भी बेच रहा था दवा ..खबर प्रकाशित हुई तो प्रशासन हरकत में आया!

खबर का असर : कबीर मेडिकल स्टोर को कलेक्टर ने सील किया..एफआईआर भी दर्ज..मेडिकल संचालक कोरोना पाजिटिव होने के बाद भी बेच रहा था दवा ..खबर प्रकाशित हुई तो प्रशासन हरकत में आया!

संजय जैन

धमतरी. जिले में इस वर्ष कोरोना की लहर से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। शासन, प्रशासन की अपील को नजरअंदाज कर अनेक ऐसे गैरजिम्मेदार लोग हैं जो उक्त अपील का मखौल उड़ा रहे हैं। इनमें ग्राम छाती जोन के क्षेत्र में संचालित मेडिकल स्टोर्स व्यवसायी भी है. जो पॉजिटिव होकर जरूरतमंदों को दवाईयां सप्लाई कर रहे हैं। इसे लेकर आज की जनधारा में समाचार का प्रमुखता से प्रकाशन किया गया था।

इसके बाद कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने इस समाचार की गंभीरता को देखते हुए तुरंत इसे संज्ञान में लिया और उक्त दुकान संचालक के खिलाफ कार्यवाही करने हेतु एक टीम गठित कर कार्यवाही करने निर्देशित किया गया। मामला ग्राम छाती में देखने को मिला। यहां कबीर मेडिकल स्टोर के संचालक द्वारा पॉजिटिव होने के बावजूद मेडिकल स्टोर का संचालन किया जा रहा था। इस पर कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य के निर्देशन के बाद राजस्व, पुलिस और पंचायत के संयुक्त दल ने न केवल मेडिकल दुकान बंद कराया, बल्कि उसे सील भी कर दिया। गठित संयुक्त दल द्वारा दुकान संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है।


                         कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य,  आइएएस


एसडीएम धमतरी चंद्रकांत कौशिक ने बताया कि इस तरह की जानलेवा लापरवाही से गांव में संक्रमण तेज़ी से फैलेगा और प्रशासन द्वारा कोरोना रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों में दिक्कतें बढ़ेंगी। इसके मद्देनजर इस दुकान को सील कर दुकान संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है. गौरतलब रहे कि ग्राम छाती के मेडिकल व्यवसायी द्वारा किये गये घोर लापरवाही पूर्वक कृत्य से आज ग्राम के अनेकों लोग संक्रमित हो गये हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उक्त मेडिकल व्यवसायी एवं उसके परिवार के संक्रमित होने की खबर उक्त क्षेत्र के स्वास्थ्य कर्मी को ग्रामीणों द्वारा दी गई थी। इस बात की अनदेखी करते हुए स्वास्थ्य कर्मी द्वारा इसकी सूचना वरिष्ठों को नहीं दी गई और इसे गंभीरता से लिया जिसका खामियाजा आज पूरे ग्राम के लोग भुगत रहे हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि समय रहते यदि स्वास्थ्य कर्मी द्वारा इसकी सूचना वरिष्ठों को दे दी जाती तो आज कोरोना संक्रमण गांव में इतना अधिक नहीं फैला होता। इसी वजह से उक्त स्वास्थ्य कर्मी के लिये ग्रामीणों का गुस्सा देखा जा रहा है। उनका मानना है कि जिसे स्वयं इसकी जिम्मेदारी दी गई है कि उक्त संक्रमण अधिक न फैले ऐसे ही जिम्मेदार लोगों द्वारा अनदेखी की जाये और मामले को गंभीरता से न लें तो फिर औरों को कोई क्या समझाईश देगा।

जनधारा प्रतिनिधि से चर्चा में कलेक्टर श्री मौर्य ने बताया कि आमजन के सेहत से खिलवाड़ बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। साथ ही ऐसे व्यक्तियों को बख्शा नहीं जायेगा जो प्रशासन के नियमों का उल्लंघन करते पाये जायेंगे। उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन के अधिकारियों द्वारा पूरी कोशिश की जा रही है कि सभी आम लोगों तक कोरोना गाईड लाईन, संक्रमण से बचने के उपाय आदि के प्रति जागरूकता लाई जा सके। सभी अपने अपने स्तर पर कार्य में जुटे हुए हैं। चाहे वह जागरूकता अभियान हो, या फिर टीकाकरण अभियान, सभी कार्य नियमानुसार करने टीम भी गठित की गई है। इसके बाद भी यदि कोई नियम तोडऩे की कोशिश करते हैं तो ऐसे लोगों पर कार्यवाही अवश्य की जायेगी।