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कृष्ण प्रेम में डूबे कृष्ण मय हुआ सुकमा : बारिस भी डिगा न सका कृष्ण प्रेमियो को

कृष्ण प्रेम में डूबे कृष्ण मय हुआ सुकमा :  बारिस भी डिगा न सका कृष्ण प्रेमियो को


सुकमा - कालीमंदिर शक्ति कानन सुकमा मे प्रति वर्ष की भाती इस वर्ष भी बडे धुमधाम से कृष्ण जन्माष्टमी बनाई गयी , जहा सुकमा का एकमात्र कृष्ण मंदिर  जो काली मंदिर मे ही स्थित है इस अवसर पर पं जी ने बताया की सुकमा का एक मात्र मंदिर होने की वजह से  भक्तो का ताता लगा रहता है और कृष्ण जन्माष्टमी की कयी वर्षो की परंपरा बनी हुई है आज कई वर्ष पूरे हो गये मंदिर  में कृष्ण जन्म उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है । भक्त मण्डलीयो का रात भर  भजन .,कीर्तन मे डुबकर  कृष्ण मय कर देना   भाव विभोर कर देता है  वही नगर मे  मटकी फोड़ का आयोजन घर से लेकर चौक-चौराहों पर जगह-जगह हुआ। स्कूल ग्राऊण्ड मे भी कई वर्षो से विभिन्न कार्यक्रम होते रहे है वही यादव समाज सुकमा द्वारा भव्य सोभायात्रा राम मंदिर से ,शिशु मंदिर पहुचकर  समाज ने  दही लूट के साथ अनेक प्रतियोगिता का आयोजन किया।बच्चों ने उत्साह से आयोजन में हिस्सा लिया।


*भादों माह है आसमान में घनघोर काले बादलों का डेरा रहा,और अष्टमी तिथि भी थी और बारिस न हो कैसे संभव था बादल बरसे  बहुत बरसे भी लेकिन वर्षा का  होना भी कृष्ण प्रेमियो को डिगा न सका  उधर चिंतित किसानो के भी चहरो मे रौशनी आ गयी *। वही श्री विश्व कर्मा  मंदिर में कृष्ण की झांकी सजाई गई। इस दौरान भजन-कीर्तन का भी आयोजन हुआ। बाल गोपाल  के समक्ष सुबह से ही दर्शनार्थियों का आना जाना रहा। भव्य झाकियां सजाई गई।

पं.जी  काली मंदिर के श्रीकृष्ण के जन्म लीला के बारे में भक्तों को बताया। संध्या आरती के बाद भगवान के विभिन्न लीलाओं का वर्णन  किया गया। मंदिर में पूर्व से चली आ रही परंपरा अनुसार जन्माष्टमी मनाया गया। प्रमुख मण्डली शिव शक्ति मैत्री मानस मंण्डली,नारायणी मानस मंडली ,ज्ञान गंगा मानस मण्डली, सत्संग मानस मण्डली के सदस्य गण उपस्थित थे ।