कोरोना वायरस 5जी टॉवर की विकिरण से पैदा हो रहे हैं ! बर्मिंघम में जलाए जा रहे हैं टॉवर, देखिए वीडियो और सुनिए उसके पीछे का सच!

कोरोना वायरस 5जी टॉवर की विकिरण से पैदा हो रहे हैं ! बर्मिंघम में जलाए जा रहे हैं टॉवर, देखिए वीडियो और सुनिए उसके पीछे का सच!

क्या 5जी इंटरनेट तकनीक ही कोरोना वायरस की जन्मदाता है. क्या 5जी इंटरनेट इस्तेमाल करने से या इसके टॉवर से निकलने वाली विकिरणों से यह वायरस पैदा हुआ है, ऐसी बहुत सी अटकलें हवा में हैं खासकर ब्रिटेन के बर्मिंघम में जहां 5जी टॉवर जलाए जा रहे हैं. सबसे अंत में आप इसका वीडियो भी देख सकते हैं लेकिन पहले इस पूरी थ्यौरी को समझिए.
 
आस्ट्रेलिया के एक फेसबुक ग्रुप में 31,700 से अधिक सदस्यों ने पेास्ट डाली है जो स्वीकारते हैं कि कोरोनाव वायर इसी तकनीक की देन है. हालांकि डॉक्टर इसे पूरी तरह से गलत ठहराते हैं. द गार्जियन ने बताया कि गुरुवार से पूरे ब्रिटेन में कम से कम 20 मोबाइल फोन मास्ट किए गए हैं जिनमें 5जी इंटरनेट चल रहा था.

ब्रिटेन में भी यह खबर फैल गई है कि 5जी रेडियेशन के चलते कोरोना फैल रहा है. हालांकि डॉक्टर ने साफ कर दिया है कि कोरोना रेडियो वेव्स के जरिए नही फैलता है और ना ही इसका सेहत पर कोई असर होता है. उन्होंने आगे कहा कि 5जी से इम्युनिटी सिस्टम कमजोर नही होता है और ना ही वायरस रेडियो वेवस से ट्रेवल कर सकता है. 5जी रेडियोवेव में बहुत कम एनर्जी होती है और इसलिए वे कोई नुकसान नही पहुंचा सकती हैं. शरीर में दाखिल होने के लिए इसे आंख नाक या मूंह की म्युकस मेम्ब्रेन जरिए फेफड़ो के रिसेप्टर तक पहुंचना होता है. 5जी थ्यौरी सही होने के लिए शरीर के अंदर दाखिल होने के लिए वायरस को इन कम वेवलेंथ वाली रेडियो वेव्स के जरिए इतने रास्तों को पार करना होगा जोकि असंभव जैसा ही है.


हालांकि सरकार किसी भी तरह का रिस्क नही ले रही है और मोबाइल के अलावा टॉवरों को भी नष्ट कर रही है जो 5जी तकनीक प्रसारित कर रहे हैं. कई आउटलेट और लोग इस मिथक को खत्म करने के लिए प्रयास कर रहे हैं. उनका कहना है कि संचार, साइबर सुरक्षा और कला के लिए संघीय मंत्री पॉल फ्लेचर शामिल हैं। लेकिन असंख्य समूह और सार्वजनिक आंकड़े इसे जारी रखते हैं।

5जी इंटरनेट तकनीक ही कोरोना वायरस की जन्मदाता है, ऐसा एक दावा विगत जनवरी माह में एक साक्षात्कार के दौरान बेल्जियम के एक डॉक्टर ने किया था लेकिन तब इसे मिथक माना गया था। अब यह चर्चा जोर पकड़ती जा रही है क्योंकि जो देश 5जी तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं या जो उपभौक्ता इस इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं, वहां कोरोना ने ज्यादा पैर पसारे हैं.

वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि एक संक्रामक व्यक्ति अपने मुंह के पास रखे फोन के माध्यम से बोलता है तो पर्याप्त संक्रामक बूंदें वायरस को फैलाने में सक्षम बनाने के लिए इसकी सतह पर उतर सकती हैं. इसलिए जब कोई दूसरा उसका इस्तेमाल करता है तेा हो सकता है वह कोरोना संक्रमित हो जाए.

देखें वीडियो किस तरह 5जी टॉवर जलाए जा रहे हैं :<blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr">A <a href="https://twitter.com/hashtag/coronavirus?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#coronavirus</a> conspiracy theory in the U.K. spurred a rash of 5G telecom tower arson fires in Belfast, Liverpool, Birmingham <a href="https://t.co/VtShMhcAV5">https://t.co/VtShMhcAV5</a> <a href="https://t.co/eoPYjaOgib">pic.twitter.com/eoPYjaOgib</a></p>&mdash; QuickTake by Bloomberg (@QuickTake) <a href="https://twitter.com/QuickTake/status/1247374072822071297?ref_src=twsrc%5Etfw">April 7, 2020</a></blockquote> <script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>