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कानपुर में 1984 सिख दंगों की जांच कर रही एसआईटी का कार्यकाल बढ़ा

कानपुर में 1984 सिख दंगों की जांच कर रही एसआईटी का कार्यकाल बढ़ा

नयी दिल्ली।  उत्तर प्रदेश के कानपुर में 1984 में हुए सिख दंगा मामलों की जांच के लिए गठित किए गए विशेष जांच दल (एसआईटी) का कार्यकाल छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। जांच दल का कार्यकाल 27 मई 2021 को समाप्त हो रहा था और अब इसका कार्यकाल 27 नवंबर 2021 तक बढ़ा दिया गया है।

अखिल भारतीय दंगा पीड़ित राहत कमेटी 1984 के अध्यक्ष एवं अकाली नेता कुलदीप सिंह भोगल ने बताया कि उत्तर प्रदेश के विशेष सचिव वीके सिंह की ओर से एसआईटी के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश पुलिस के सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक अतुल कुमार को एसआईटी का कार्यकाल बढ़ाए जाने के बारे में जानकारी दी गई है। उन्हें भी यह पत्र प्राप्त हुआ है। भोगल ने कहा कि पिछले चार वर्षाें से एसआईटी कानपुर सिख दंगा मामलों की जांच कर रही है, लेकिन अभी तक किसी भी दोषी को सजा नहीं हो पाई है, जबकि दिल्ली में सज्जन कुमार जैसे बड़े नेता और कई लोगों को सजा हुई है।

उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय दंगा पीड़ित राहत कमेटी 1984 की ओर से उत्तर प्रदेश सरकार से लगातार जांच में तेजी लाने और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार से गवाहों को सुरक्षा मुहैया कराने की भी अपील की जा रही है, क्योंकि गवाहों को लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उन्हें भी कई बार धमकियां मिली हैं, जिसको लेकर उन्होंने पत्र के जरिए गृह मंत्री अमित शाह से भी शिकायत की है। उनके मुताबिक अखिल भारतीय दंगा पीड़ित राहत कमेटी 1984 की मांग पर ही उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मार्च 2017 में कानपुर सिख दंगों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था।