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जिला अस्पताल के मामले में जांच पूरी नहीं उसके पहले ही अकाउंटेंट को सेवा समाप्ति का स्वास्थ्य विभाग द्वारा थामया गया नोटिस

जिला अस्पताल के मामले में जांच पूरी नहीं उसके पहले ही अकाउंटेंट को सेवा समाप्ति का स्वास्थ्य विभाग द्वारा थामया गया नोटिस


दंतेवाड़ा, 4 अप्रैल। हमेशा से रहा सुर्खियों में जिला अस्पताल भ्रष्टाचार के कारनामे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। जिला अस्पताल स्वास्थ्य विभाग मैं कार्यरत मातहत एकाउंटिंग में अपने ही विवाद की खुली पोल जिला लेखा प्रबंधक पर फर्जी तरीके से लाखों की खरीदी करने का लगाया आरोप। 

मामला उजागर होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में अफरा तफरी मच गई और इससे संबंधित लोगों में देश का माहौल है बताया जा रहा है कि जिला लेखा प्रबंधक द्वारा फर्जी तरीके से मेडिसिन खरीदी व सीआरएमसी इंसेंटिव फर्जी तरीके से मुस्कान करने का मामला सामने आया इसकी लिखित शिकायत अकाउंटेंट ने कलेक्टर को की है। 

जिसके बाद कलेक्टर ने पूरे मामले को संज्ञान में लेते हुए कर जांच के आदेश दिए मामले की पूरी जांच कर 10 दिनों के अंदर एसडीएम को रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है, जिसके बाद से स्वास्थ विभाग में इस खेल में सम्मिलित अधिकारी से लेकर कर्मचारी बौखलाए हुए हैं।

मामला अखबारों में प्रकाशित होने के बाद से ही अकाउंटेंट को विभाग द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है  जबकि अकाउंटेंट द्वारा कई आवेदन कलेक्टर महोदय से लेकर जिला विधायक का जिला पंचायत अध्यक्ष को दिए गए हैं उन्होंने भी संज्ञान में लेते हुए पूरे मामले का मूल्यांकन करने को आदेश किया है जिसके बाद से स्वास्थ विभाग द्वारा जांच पूरी नहीं कि गई वही कोई प्रतिवेदन दिया गया है।

पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो इसके लिए अकाउंटेंट ने कई बार अधिकारियों से गुहार लगाई है जांच पूरी नहीं हुई  इसके पहले अकाउंटेंट को सेवा समाप्ति का नोटिस थमा दिया गया इससे साफ जाहिर होता है कि इस भ्रष्टाचार के खेल में बड़ी मछली जिला प्रबंधक को बचाने की कोशिश की जा रही है और एक छोटी सी मछली को दरकिनार कर दिया गया है जिससे कि मार्च  महीने में पूरी फर्जी बिल निकाले जा सके। 

हैरानी की बात यह है कि संविदा  कर्मचारियों को एक साल का एग्रीमेंट पर कार्यरत किया जाता है एक साल होने के पश्चात इनकी अवधी सीमा एक साल और बढ़ाई जाती है  परंतु 22 लोगों की लिस्ट में एक कर्मचारी का सेवा समाप्ति का आदेश स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिया गया बाकी कर्मचारियों की समय अवधि 1 साल के लिए बढ़ा दी गई। जबकि एमडी द्वारा जारी किए गए आदेश में सभी की सेवा अवधि बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं जिसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग सीएमओ को भली-भांति औरत है उसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग द्वारा अकाउंटेंट को सेवा समाप्ति की नोटिस देना नियम के विरुद्ध है।