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‘‘दी प्रोग्रेस ग्लोबल अवार्ड‘‘ कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम, उन्होंने कहा - बच्चों को बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिए हम अच्छे नागरिक तैयार नहीं कर सकते

  ‘‘दी प्रोग्रेस ग्लोबल अवार्ड‘‘ कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम, उन्होंने कहा - बच्चों को बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिए हम अच्छे नागरिक तैयार नहीं कर सकते

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि महर्षि अरविन्द अध्यात्मिक चेतना के पुंज थे। हमारे ऋषि मुनियों ने अपने तप और ज्ञान से जो अध्यात्मिक ऊंचाईयां प्राप्त की और जो अनुसंधान किए उनकी चर्चा युगों-युगों से विश्व पटल पर होती रही है और होती रहेगी। महर्षि अरविन्द ऐसी ही महान विभूति थे। मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित ‘‘दी प्रोग्रेस ग्लोबल अवार्ड‘‘ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

    उन्होंने  अरविंदो योगा एन्ड नॉलेज फाउंडेशन द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही संस्थाओं और शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम की भूरी-भूरी प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने फाउंडेशन द्वारा सम्मानित होने वाले सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी। “द प्रोग्रेस“ श्री अरबिंदो योग एवं नालेज फाउंडेशन उच्चशिक्षा की गुणवत्ता के लिए देश, विदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, विद्यालयों के प्राचार्यों, प्रोफेसर, सहा. प्राध्यापको, शिक्षकों, विद्यार्थियों के लिए अनेक पाठ्यसहगामी क्रियाओं जैसे अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय कार्यशाला, सेमिनार, यूथ कैम्प, एफडीपी जैसे विभिन्न कार्यक्रमों का संचालन करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिए हम अच्छे नागरिक तैयार नहीं कर सकते, शिक्षक शिक्षा के माध्यम से बच्चों को शिक्षित करने के साथ पूरे समाज को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने कोरोना काल में अध्यात्म के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है। इस दौर में सबसे महत्वपूर्ण कार्य संक्रमण से बचाव करते हुए अपने जीवन को व्यवस्थित करना है। श्री बघेल ने कहा कि कोरोना से संक्रमित व्यक्ति की मनः स्थिति पर गहरा प्रभाव पड़ता है। अनेक लोग अवसाद में आ जाते हैं। जिसका इलाज अध्यात्म के पास है। अवसाद से बचने के लिए ध्यान, योग और व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना आवश्यक है।

“द प्रोग्रेस ग्लोबल अवार्ड 2020” कार्यक्रम का आयोजन श्री अरबिंदो योग एवं नालेज फाउंडेशन, दुर्ग, छत्तीसगढ़ द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्थाओं, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, शिक्षकों, विद्यार्थियों को फाउंडेशन की ओर से दी प्रोग्रेस ग्लोबल अवार्ड 2020 से सम्मानित किया गया।
    कार्यक्रम में विभिन्न श्रेणियों कुल 85 अवार्ड प्रदान किए गए। इस “द प्रोग्रेस ग्लोबल अवार्ड 2020” में कुल 162 पंजीयन हुये जिसमें से विद्वानों द्वारा 94 अवार्ड का चयन किया गया, जिसमें 04 लघुउद्योग, 02 विश्वविद्यालय, 05 महाविद्यालय, 80 महाविद्यालयींन शिक्षक शिक्षिकाएँ, 08 विद्यालयीन शिक्षकों को अवार्ड से सम्मानित किया गया। इंटरप्रोन्योरशिप अवार्ड वर्ग में अरिसटोम टेक्नोलोजी प्राइवेट लिमिटेड, भिलाई, आई.आई.ओ.टी.लैब,नागपुर, महाराष्ट्र, सिंपलेक्स कास्टिंग लिमिटेड, भिलाई, सतीश दीक्षित कलास्सेस, रायपुर, विश्वविद्यालय अवार्ड ओ. पी. जिंदल युनिवर्सिटी, रायगढ़, छत्तीसगढ़, वाय. बी. एन. युनिवर्सिटी, राँची, झारखंड को सम्मानित किया गया।
    महाविद्यालय अवार्ड  जयंत कुमार चक्रवर्ती, राजेंद्र अकाडेमी फोर टीचर एजुकेशन, गोपालपुर, दुर्गापुर, पश्चिम वर्धमान, रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेकनोलोजी, रायपुर, छत्तीसगढ़, स्कूल ऑफ अलाइड साइंस, सेलम, देवसंस्कृति कालेज ऑफ एजुकेशन, भिलाई को दिया गया। कार्यक्रम में “द प्रोग्रेस ग्लोबल अवार्ड 2020”  अरबिंदो योग एवं नालेज फाउंडेशन, दुर्ग के ट्रस्टी सुश्री इंद्राणी घोष, अध्यक्ष डॉ. एस. एम. घोष, डॉ. किरण बाला पटेल, सुश्री मीनाक्षी पटेल उपस्थित थीं।