लॉकडाउन से रुकी सरकार की 1 लाख 2 हजार करोड़ की योजनाएं, लाखों छात्रों की पढ़ाई पर संकट के बादल

लॉकडाउन से रुकी सरकार की 1 लाख 2 हजार करोड़ की योजनाएं, लाखों छात्रों की पढ़ाई पर संकट के बादल


-राज्य सरकार ने बजट किया था पेश, लॉकडाउन से सभी चीजें स्थगित

रायपुर । प्रदेश में कोरोना वायरस कोविड-19 की वजह से 14 अप्रैल तक के लिए लॉकडाउन के निर्देश हैं। अब यह लॉकडाउन कहीं न कहीं प्रदेश के लिए संकट बनते जा रहा है एवं राज्य सरकार की जो योजनाएं थी वो पिछड़ती जा रहीं हैं। मार्च में कोरोना की दहशत के कुछ दिन पूर्व छत्तीसगढ़ सरकार ने अपना बजट पेश किया था, जिसमे 1लाख 2 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान था। जिससे प्रदेश में नई योजनाओं का शुभारंभ होना था। मगर कोरोना के चलते ये योजनाएं संचालित नहीं की गईं हैं। या कह सकते हैं की जब तक लॉकडाउन रहेगा तब तक प्रदेश की आर्थिक स्थिति पीछे जाएगी और सरकार को अपने वादे पूरा करने में लेटलतीफी होगी।

वहीं राज्य में लाखों की तादात में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के भविष्य पर संकट के बबंडर उड़ते दिखाई देने लगे हैं। नतीजन उनकी सेमेस्टर परीक्षा का समय नजदीक आता जा रहा है और वे महाविद्यालयों में जाने से वंचित हैं।

बजट पर असर

मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री भूपेश बघेल ने बजट पेश करते हुए 1 लाख 2 हजार करोड़ रुपए की योजनाओं को शुरू और प्रदेश के विकास के लिए इतना बजट दिया था, लेकिन कोरोना के चलते अभी कोई कार्य सुचारू रूप से शुरू नहीं हो पाया है। इस बजट में राजीव गांधी किसान न्यास योजना का शुभारंभ बजट सत्र के बाद होना था जिसके लिए 5100 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा था। यह योजना अभी अधर में लटकी दिखाई दे रही है। वहीं गोबरधन योजना के अंतर्गत 1 हजार 600 करोड़ बायो गैस का निर्माण किया जाने वाला कार्य भी केवल फ़ाइल तक सीमित रह गया है। इसके लिए राज्य सरकार ने 450 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है।


छात्रों का जीवन बेहाल

बात राजधानी की करें तो रविशंकर विवि, नागार्जुन विज्ञान महाविद्यालय, कुशाभाऊ ठाकरे यूनिवर्सिटी, दूधाधारी बालिका महाविद्यालय, छत्तीसगढ़ कॉलेज समेत उच्च शिक्षा संस्थान जैसे एनआईटी, ट्रिपल आइटी, आईआईएम आदि बन्द होने से लाखों छात्र-छात्राओं के सुनहरे भविष्य पर संकट दिखाई दे रहा है। रविवि के कुलसचिव गिरिशकान्त पांडेय ने बताया की कोरोना को देखते हुए लॉकडाउन से पूर्व महाविद्यालय और उनसे संबद्ध विद्यालयों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं। यह बात सच है की लॉकडाउन से पढ़ाई प्रभावित हो रही है मगर जब तक स्थति सामान्य नहीं होती हम कर भी क्या सकते हैं।


कैसे होगा संविलियन

बजट में स्पष्ट तौर पर बताया गया था की जुलाई 2020 में राज्य के 16000 शिक्षकों का संविलियन किया जाएगा वहीं राज्य में नए महाविद्यालय खोले जाएंगे मगर लॉकडाउन के कारण सभी योजनाओं की इतिश्री दिखाई देने लगी है। बात ये नहीं की इन योजनाओं का शुभारंभ नहीं होगा मगर लॉकडाउन से इनके शुरु होने में देर होगी।



वर्सन

लॉकडाउन की वजह से योजनाएं प्रभावित हुई हैं मगर यह स्थिति केवल छत्तीसगढ़ की नहीं है। पूरे देश मे कोरोना का असर है। जितने जल्दी सामान्य स्थिति होती है योजनाओं को संचालित किया जाएगा।

आरपी मंडल, मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन।

chandra shekhar