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स्कूलों में एक भारत श्रेष्ठ भारत क्लब का गठन, छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए की है कड़ी निंदा

स्कूलों में एक भारत श्रेष्ठ भारत क्लब का गठन, छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए की है कड़ी निंदा

राजकुमार मल

भाटापारा। राज्य शासन द्वारा प्रदेश के समस्त स्कूलों में एक भारत श्रेष्ठ भारत क्लब का गठन कर गुजराती भाषा एवं संस्कृति का प्रचार प्रसार करने के लिए जारी आदेश पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने इसकी कड़ी निंदा की है   

             क्रांति सेना ने शासन के इस आदेश को तुगलकी फरमान बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है । विदित हो कि राज्य शासन के द्वारा सभी स्कूलों को आदेश जारी कर गुजरात की संस्कृति,वर्णमाला कहावतें,लोक कला,लोक साहित्य, इतिहास एवं संस्कृति साहित्य की जानकारी विद्यार्थियों को पढ़ाने का आदेश जारी किया है।

इस आदेश के तहत एक प्रभारी नियुक्त करके गुजरात पर आधारित प्रश्नोत्तरी, गुजरात के स्थापना दिवस पर कार्यक्रम, इस पर एक स्क्रैपबुक का निर्माण तथा राष्ट्रीय एकता पर गुजराती भाषा में कराने हेतु शासन के द्वारा आदेश दिया गया है । क्रांति सेना के पदाधिकारियों ने उपरोक्त आदेश की घोर निंदा करते हुए इसे तत्काल वापस लेने हेतु राज्य शासन को कहा है।

             विडंबना है कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 21 वर्ष व्यतीत होने के उपरांत भी छत्तीसगढ़ में ही छत्तीसगढ़ी की पढ़ाई लिखाई नहीं हो पा रही है, उस पर गुजराती भाषा को थोपा जाना छत्तीसगढ़ियों की अस्मिता के साथ खिलवाड़ है। राज्य शासन छत्तीसगढ़ी में पढ़ाई लिखाई की बात तो करती है लेकिन इस पर अब तक अमल नहीं हो पाया है ।

राजभाषा होने के बावजूद अब तक छत्तीसगढ़ी राजकाज की भाषा नहीं बन पाई है। छत्तीसगढ़ी की उपेक्षा छत्तीसगढ़ में ही होने से क्रांति सेना आक्रोशित है। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने राज्य सरकार को आगाह किया है कि किसी भी दूसरे राज्य की भाषा या संस्कृति को यदि छत्तीसगढ़ियों के ऊपर थोपा जाता है तो क्रांति सेना सड़क से लेकर राजधानी तक इसका विरोध करेगी। 

             क्रांति सेना ने राज्य शासन से यह सवाल किया है कि पूरे देश में ऐसा एक भी राज्य बता दे जहां पर छत्तीसगढ़ी भाषा और छत्तीसगढ़ की संस्कृति एवं लोक साहित्य को प्रचारित /प्रसारित किया जाता है। जब दूसरे राज्यों में छत्तीसगढ़ी का प्रचार प्रसार नहीं होता तो छत्तीसगढ़ में दूसरे राज्य की भाषाओं को प्रचारित करना कहाँ का न्याय है। 

शासन द्वारा कभी उड़िया तो कभी गुजराती तो कभी किसी अन्य भाषा को हमारे ऊपर थोप दिया जाता है जो कि सरासर गलत है। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने विरोध में राज्य शासन के आदेश की प्रतियां जलाने का भी निर्णय लिया है।

उक्त आदेश का विरोध छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश सचिव चंद्रकांत यदु, बलौदाबाजार जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सेन, जिला संयोजक-सुरेंद्र यदु,भाटापारा शहर अध्यक्ष आकाश यदु, ग्रामीण अध्यक्ष- देव प्रसाद वर्मा, कसडोल ब्लॉक अध्यक्ष सतीश नेताम, सिमगा ब्लॉक अध्यक्ष सनत यदु, डॉ देवेश वर्मा बलौदाबाजार, महिला क्रांति सेना जिला अध्यक्ष प्रिया सेन,पुष्पा वर्मा ने आदि ने किया है।