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कलेक्टर दासन ने मरवाए छापे तो सब्जियों के दाम गिरे, 15 से 25 प्रतिशत तक सस्ती हुईं, फल के दाम भी गिरे

कलेक्टर दासन ने मरवाए छापे तो सब्जियों के दाम गिरे, 15 से 25 प्रतिशत तक सस्ती हुईं, फल के दाम भी गिरे

जनधारा समाचार
रायपुर. राज्य में आलू, टमाटर, प्याज और साग-सब्जी समेत खाने-पीने की चीजों की बढ़ती कीमतों ने आम उपभोक्ताओं का दम निकाल रखा है. लोग कोरोना से परेशान हैं, ऊपर से महंगाई ने घर का बजट बिगाड़ दिया है. सब्जी बाजार में आग लगी हुई है. 50 रुपये किलो तक प्याज बिक रहा है. आलू के दाम भी तेज हैं. बाजार में 25 रुपये किलो से कम की सब्जी नहीं है. हालांकि कलेक्टर दासन की पहल पर जमाखोरों के खिलाफ हुई छापामार कार्रवाइ के बाद दाम गिरे हैं.


सब्जियां जहां 15 से 30 प्रतिशत सस्ती हुई हैं, वहीं फलों के दामों में भी लगभग इतनी ही गिरावट आई है. कलेक्टर और आइएएस एस.भारती दासन ने कोल्ड स्टोरेज में छापा पड़वाकर मण्डी में उसे बाजार दामों में बिकवाया जिसके बाद उपभेाक्ताओं को सस्ती सब्जियां और फल मिल रहे हैं. सब्जी के बड़े विक्रताओं के मुताबिक दिसंबर तक अभी दामों में उतार-चढ़ाव रहने की संभावना है.

हालात यह हैं कि लोग किलो की जगह पाव में सब्जी खरीद रहे हैं. तेलहन व दलहन में भी उछाल है. कारोबारियों की मानें तो बाहर की मंडियों में प्याज के भाव तेज हैं. नागपुर से प्याज आ रहा है. दो दिन पहले भनपुरी होलसेल बाजार में 38 से लेकर 40 रुपये किलो प्याज बिका. रैक से माल आने के कारण कुछ प्याज खराब हो रहे हैं.

पहले बरसात, फिर लॉकडाउन ने बढ़ाए दाम
लिहाजा खुदरा बाजार में प्याज थोड़ा महंगा है. यही हाल आलू के हैं. पहले कोरोना और फिर बरसात के कारण फसल काफी बरबाद हुई है इसलिए आलू महंगा बिक रहा है. होलसेल मंडी में सादा आलू 25 रुपये किलो बिका. जबकि खुदरा बाजार में सादा आलू 30 व लाल आलू 35 रुपये किलो बिका. लगातार हुई बारिश तथा लॉकडाउन के दौरान मजदूर ना मिलने के कारण सब्जी की फसल बरबाद हो गई और हरी सब्जी की आवक कम होने के कारण सब्जी के भाव तेज हैं.
उधर दलहन में भी उछाल है. रहर दाल में दस रुपये किलो की उछाल है. दस दिन पहले होल सेल में रहर दाल 80 रुपये किलो था. आज होलसेल मंडी में रहरदाल 90 रुपये किलो है. खुदरा बाजार में रहर दाल(पीएम) 90 रुपये किलो बिक रहा है. सरसों तेल का भाव तेज हो गया है. एक माह में सरसों तेल के भाव में 20 रुपये लीटर की वृद्धि हुई है. कारोबारियों की मानें तो कंपनी से ही ऊंचे भाव में सरसों तेल मिल रहा है. रिटेल में दो से तीन रुपये मार्जिन पर सरसों तेल बेचना पड़ रहा है. 140 रुपये लीटर इंजन, 124 रुपये सलोनी व 125 रुपये लीटर हाथी ब्रांड मिल रहा है. फॉरचून रिफाइन में भी पांच रुपये तक उछाल है. फॉरचून 110 रुपये व महाकोश 102 रुपये लीटर है.

दिसंबर तक कोई राहत नही : जयंत भाई टांक

छत्तीसगढ़ किसान संघ के सलाहकार रह चुके जयंत भाई टांक जोकि बड़े सब्जी उत्पादक हैं, का कहना है कि अभी दिसंबर तक कोई राहत नही मिलेगी. सब्जियों के दाम में उतार—चढ़ाव बना रहेगा. जहां तक महंगाई का सवाल है तो यह 15 से 15 प्रतिशत तक दाम सब्जियों के दाम कम हुए हैं हालांकि 25 प्रतिशत किसानों की फसल पहले बरसात और फिर लॉकडाउन के चलते बरबाद हो चुकी है. वैसे भी सब्जी और फल तो आवश्यक सेवा वस्तुओं में शामिल हैं लेकिन इसके निर्माता किसानों को लॉकडाउन से मुक्त नही किया गया था जबकि पंजाब, हरियाणा, यूपी जैसे राज्यों ने यह छूट दे रखी है. राज्य सरकार को चाहिए कि यह छूट देकर वह सबका भला कर सकती थी.
 


कलेक्टर, आइएएस एस.भारती दासन ने ली जमाखोरों की खबर

कलेक्टर, आइएएस एस.भारती दासन की जमाखोरों के खिलाफ हुई छापामार कार्रवाई का ही प्रतिफल है कि आलू और प्याज सहित कई सब्जियां सस्ती हुईं. भनपुरी सहित कई इलाकों में स्थित गोदामों की चेकिंग की गई तो माल बाहर निकलने लगा और दाम कम हुए. कुछ दिनों पहले शिकायत मिली थी कि जमाखोरों के खिलाफ कार्रवाई नही हो रही है, इसके बाद सब्जी विक्रेताओं से चर्चा की और जनहित में कदम उठाए.

सब्जियों के दाम -

आलू - 40 रू. प्रति केजी,
प्याज़ - 35 प्रति केजी,
टमाटर - 45 प्रति केजी,
हरी मिर्च - 70 प्रति केजी,
तरोई - 40 प्रति केजी,
लहसुन - 100 प्रति केजी,
बैगन - 30 प्रति केजी,
कद्दू - 25 प्रति केजी,
लौकी - 40 प्रति केजी,
फूल गोभी - 50 प्रति केजी,
पत्तागोभी - 45 प्रति केजी,
अदरक - 60 प्रति केजी,
नींबू - 3 प्रति नग,
गाजर - 40 प्रति केजी,
करेला - 50 प्रति केजी,
लाल भाजी - 40 प्रति केजी

फलों के दाम :

सेब - 100 रू. प्रति केजी से लेकर 240 रू. प्रति केजी तक
केला - 25-40 रू.दर्जन
अमरुद - 40 रू. प्रति केजी
अनन्नास - 50 रू. प्रति नग
मोसम्बी - 60 रू. प्रति केजी