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छत्तीसगढ़ में हवाई अड्डे और रेलवे स्टेशनों में शुरू होगी आरटीपीसीआर जांच-भूपेश

छत्तीसगढ़ में हवाई अड्डे और रेलवे स्टेशनों में शुरू होगी आरटीपीसीआर जांच-भूपेश

रायपुर।  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हवाई अड्डे और रेलवे स्टेशनों में बाहर से आने वाले लोगों का आरटीपीसीआर टेस्ट प्रारंभ करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।
श्री बघेल ने आज राजधानी रायपुर के विभिन्न मीडिया संस्थानों के सम्पादकों के साथ वर्चुअल बैठक में यह जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान समय में कोरोना संक्रमण में आई हुई तेजी चिंताजनक है। राज्य सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण की रोकथाम और मरीजों के इलाज के लिए सभी आवश्यक उपाय और प्रबंध दिए जा रहे हैं। सामाजिक संगठनों का भी इसमें सहयोग लिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों में कोविड-19 की टेस्टिंग और इलाज के लिए दरें तय करने की पहल की जाएगी। इसी तरह रेमडेसिवियर इंजेक्शन की दरें भी तय की जायंगी।शासकीय और निजी अस्पतालों में रेमडेसिवियर की 4500 डोज उपलब्ध है, राज्य सरकार का प्रयास है कि जरूरतमंदों को इस दवाई की डोज मिल सके। कोरोना जांच, इलाज तथा कोरोना टीकाकरण की सुविधा बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जी से वैक्सीनेशन की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष निर्धारित करने का उन्होंने अनुरोध किया है।
श्री बघेल ने यह भी बताया कि राज्य के भिलाई के ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन सप्लाई की पहली प्राथमिकता छत्तीसगढ़ के लिए होगी। अन्य सेवाओं में कार्यरत डॉक्टरों की सेवाएं भी कोविड-19 के इलाज और प्रबंधन में ली जाएंगी। प्रदेश में ऑक्सीजन बेड की संख्या तेजी से बढ़ाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं। मेडिकल स्टाफ की कमी को पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। नर्सिंग के पास आउट विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देकर उनकी सेवाएं भी ली जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कोविड संक्रमण की स्थिति की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य में पॉजिटीविटी दर माह मार्च 2021 में एक प्रतिशत की जो 7 अप्रैल को बढ़कर 24 प्रतिशत हो गई है। रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, महासमुन्द और बेमेतरा प्रदेश के सबसे ज्यादा पॉजिटिविटी दर वाले जिले हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ देश के कुछ गिने-चुने राज्यों में से है जहां प्रति दस लाख में सबसे ज्यादा लोगों की टेस्टिंग हो रही है।
श्री बघेल ने मीडिया से कोरोना संक्रमण से बचाव और कोरोना टीकाकरण अभियान के संबंध में जनजागरूकता हेतु सहयोगी की अपील की।उऩ्होने एख प्रश्न के उत्तर में कहा कि यह आपदा का समय है, इसलिए निजी अस्पतालों को मरीजों के इलाज में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रूचिर गर्ग, जनसम्पर्क सचिव डी.डी. सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी भी उपस्थित थे।