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कोविड को देखते हुए अयप्पा पूजा सेवा समिति ने निर्णय लिया कि इस बार नही होगी 41 दिवसीय मंडल व्रत पूजा

कोविड को देखते हुए अयप्पा पूजा सेवा समिति ने निर्णय लिया कि इस बार नही होगी  41 दिवसीय मंडल व्रत पूजा

बचेली। कोरोना वायरस के कारण नियमित जीवन के अलावा हर मोर्चे पर काफी प्रभाव देखा गया है। आर्थिक मोर्चे से लेकर पर्यटन तक और यहाॅ तक की त्यौहार भी इस वायरस के कारण काफी अधिक प्रभावित हुए है।

   मार्च माह के बाद से कोई त्यौहारों पर भी कोविड 19 का असर देखने को मिला है। इस साल मार्च के बाद से किसी भी त्यौहार को भव्य तरीके से मनाने की अनुमति नही मिली है। कोविड के कारण बचेली में 41 दिनो तक चलने वाले मंडल व्रत अयप्पाा पूजा पर भी असर पड़ा है। पूजा कमेटी ने निर्णय लिया है कि इस बार मंदिर के पट नही खोले जायेगा। कमेटी के सचिव सुभाष चंद्र बोस ने बताया कि 16 नवंबर से 26 दिसंबर तक पूरे 41 दिनो तक मंडल व्रत पूजा का आयोजन होना था, लेकिन कोरोना के कारण यह नही हो रहा है। गत दिनो अयप्पा सेवा समिति के सदस्यो ने बैठक में यह निर्णय लिया कि इस बार मंदिर के पट नही खोले जायेगे एवं केरल से पंडित आते है विधि-विधान पूर्वक पूजन करते है वे भी इस बार नही आयोगे।

      मंदिर में पूरे 41 दिनो तक दीप जलाए जायेगे और प्रागंण में साफ सफाई रखी जायेगी। भक्तो में इस बार थोड़ी निराशा देखी जा रही है, लेकिन कोविड के कारण यह कठोर निर्णय लेना पड़ा। अयप्पा पूजा समिति में अध्यक्ष जी.यस कुमार, सचिव व्हीएस सुभाष चंद्र बोस, कोषाध्यक्ष पी सुरेश नायर, अजितन नायर, मनोज, श्रीजीत, साजी करूणाकरण, साजी सदानंदन, विजयन, मनीष पी, अभिलाष कुमार बैठक में उपस्थित रहे।