breaking news New

अर्श से फर्श पर बारदाना धड़ाम, मांग शून्य, आपूर्ति भरपूर....

अर्श से फर्श पर बारदाना धड़ाम, मांग शून्य, आपूर्ति भरपूर....

राजकुमार मल

भाटापारा- रबी फसल का क्षेत्राच्छादन कम होने की खबर के बाद बारदाना की कीमत तेजी से घट रही है। मंदी के दौर से गुजरता यह क्षेत्र, 10 से 25 रुपए में बारदाना बेच रहा है। इसके बावजूद उपभोक्ता मांग बेहद कमजोर है। ऐसी प्रतिकूल स्थितियों में कीमत और घटने की आशंका जताई जा रही है।


बीते खरीफ सत्र में चौतरफा बारदाना संकट के समय ओल्ड जूट बैग मार्केट ने बंपर कमाई की थी। मांग इतनी ज्यादा थी कि सप्लाई लाइन शार्ट होने की स्थिति बनने लगी थी। अब जब रबी सत्र चालू हो चुका है, ऐसे में डिमांड की राह देखी जा रही है। अर्श से फर्श पर आ चुका बारदाना बाजार कीमत में और कमी की आहट से हतप्रभ है। जूट की ही तरह प्लास्टिक बैग मार्केट भी जमीन पर आ चुका है। इसमें भी मंदी के आसार बन चले हैं।

हैरत में ओल्ड जूट मार्केट

बंपर उत्पादन के बीच खरीफ सत्र में जैसी स्थितियां बनी थीं, उससे संभावना थी कि रबी सत्र में भी मांग बनी रहेगी लेकिन मौसम ने जो खेल, खेला उससे बारदाना बाजार प्रभावित हो चुका है। एक दिन में 5 से 10 गाड़ियों की सप्लाई करने वाला यह बाजार, अब एक ट्रक बारदाना की मांग के लिए तरस रहा है। यह स्थिति हैरान और परेशान ही कर रही है।

इसलिए मांग जमीन पर

खरीफ सत्र में सरसों की फसल को देश स्तर पर जो कीमत मिली, उसे देखकर किसानों का रुझान धान की बजाय सरसों की ओर बढ़ा। अल्प सिंचाई वाली इस फसल का रकबा तो बढ़ा लेकिन धान की फसल का रकबा चौथाई रह गया। बताते चलें कि धान की फसल लेने वाले किसानों की ही मांग से जूट बैग बाजार, भविष्य तय करता है। ऐसे किसानों की संख्या अब घट चुकी है।

अब इस कीमत पर



बारदाना के लिए अंतर जिला कारोबार करने वाले भाटापारा और बिलासपुर में इस समय सेकंड क्वालिटी का जूट बैग 25 से 31 रुपए प्रति नग पर आ गया है। जबकि थर्ड क्वालिटी में इसकी कीमत 10 से 20 रुपए प्रति नग बताई जा रही है। 40 किलो वजन क्षमता वाले ऐसे बारदाने में नया बारदाना 80 रुपए प्रति नग पर बिक रहा है। प्लास्टिक के पुराने बारदाने का हाल बेहद खराब है। इसमें 12 से 15 रुपए कीमत बताई जा रही है।