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10 सूत्री मांगों को लेकर मुख्यमंत्री राज्यपाल के नाम से कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

10 सूत्री मांगों को लेकर मुख्यमंत्री राज्यपाल के नाम से  कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

दंतेवाड़ा- आज भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और आदिवासी महासभा के बैनर तले चल रहे  10 सूत्री मांगों को लेकर चलाए जा रहे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन को विराम देते हुए मुख्यमंत्री राज्यपाल के नाम से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा


आदिवासी महासभा के अध्यक्ष बोमड़ा कोवासी ने बताया कि केंद्र और राज्य की सरकार जनविरोधी है ।केंद्र सरकार ने अपना किसान विरोधी चेहरा दिखाया तो दूसरी ओर राज्य की कांग्रेस सरकार ने आदिवासी वर्ग को छला है ।चुनाव के ठीक पहले जनता से निर्दोष आदिवासियों को जेलों से रिहा कराने के एवज में वोट मांगा और सरकार बनने के बाद विभिन्न धाराओं का बहाना गढ़ना शुरू कर दिया ।उन्होंने बोधघाट परियोजना का प्रस्ताव को भी 13 नंबर डिपॉजिट जैसे ही फर्जी करार दिया ।

सही प्रस्ताव होता तो समर्थन में तो हो ही नहीं सकता ।यहां भी ग्रामसभा फर्जी दिखाया गया ।1819 से गुण्डाधुर जिस प्रकार से लड़ाई किये थे ठीक उसी तरह से यह लड़ाई जारी रहेगी ।भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और आदिवासी महासभा किसी भी स्थिति में 56 गांवो के लगभग पैतालीस हजार लोगों को बेघर नहीं होने देगी ।विरोध में अगर जान भी जाये तो देंगे लेकिन जमीन नहीं देंगे ।

एसकेएसएस के किरंदुल अध्यक्ष के साजी और सचिव राजेश संधू ने कहा कि आने वाले दिनों में आंदोलन को और बेहतर करने की तैयारी के कारण यह केवल विराम है। ज्ञापन के बाद आंदोलन को नए कलेवर से शुरू किया जाएगा ।मंच पर सुदुरु 

तेलाम,भीमसेन मंडावी, बिमला सोरी, जितेंद्र सोरी, शंकर राव सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता ज्ञापन सौंपने जिला कलेक्टर कार्यालय रवाना हुए जहां जिला पुलिस ने भी सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं ।