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लॉकडाउन के दौरान भी हुआ करोड़ों का पोषण आहार का हेरफेर

लॉकडाउन के दौरान भी हुआ करोड़ों का पोषण आहार का हेरफेर

सरकारी योजनाओं की रंगोली सजाकर अधिकारियो  द्वारा किया जा रहा सरकार को गुमराह

भोपाल ।  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा नेता भले ही पूर्व कमलनाथ सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए लेनदेन को लेकर हंगामा मचा रहे हों लेकिन हकीकत यह है कि चाहे भाजपा की सरकार हो या कांग्रेस की सरकार हो, हर सरकारों में चतुर अधिकारी सरकारी योजनाओं की कागजी रंगोली सजाकर उसके बजट में हेराफेरी करने में पीछे नहीं रहते हैं।

ऐसा ही कुछ शिवराज सरकार के लॉकडाउन के दौरान प्रदेश के तमाम जिलों में पोषण आहार और साझा चूल्हा जैसे मुख्य योजनाओं में जमकर आंकड़ेबाजी का खेल हुआ और जब यह मामला रिसने लगा तो अब उन्हीं जिलों के अधिकारियों को बार-बार आग्रह करने के बाद भी न तो पोषण आहार और न साझा चूल्हा से संबंधित जानकारी देने से कतरा रहे हैं।

जिसके कारण इन मामलों में हुए घोटाले के प्रति शंकायें पैदा हो रही हैं और अधिकारी हैं जो अपने इन घोटालों को दबाने में लगे हुए हैं ऐसी स्थिति प्रदेश के कई जिलों में हैं उन जिलों के जिला अधिकारी की तो बात छोड़ो जिलाधीशों से जब हिन्द न्यूज सर्विस द्वारा जानकारी मांगी गई तो वह जानकारी देने में आनाकानी करते रहे। यदि शिवराज सरकार और भाजपा के नेता कमलनाथ सरकार में हुए तमाम योजनाओं में घोटालों के साथ-साथ पोषण आहार में हुए घोटालों को लेकर कमलनाथ सरकार और कांग्रेस को घेरने में लगे हुए हैं यदि ठीक ढंग से किसी किसी निष्पक्ष एजेंसी से शिवराज सिंह की सरकार के लॉकडाउन के दौरान प्रदेश के तमाम जिलों में इस दौरान हुए पोषण आहार और साझा चूल्हे पर खर्चे की यदि ठीक ढंग से जांच करवाई जाये तो उन्हें भी यह पता चल जाएगा कि उनके जिलों में बैठे अधिकारियों द्वारा किस तरह से तमाम सरकारी योजनाओं की रंगोली सजाकर सरकार को गुमराह कर उक्त योजनाओं की राशि में हेराफेरी किस चतुराई से की है इस बात का भी खुलासा हो जाएगा।