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कोरोना जांच को लेकर आखिरकार झुका चीन, अब ड्रैगन का असली चेहरा आएगा सामने

 कोरोना जांच को लेकर आखिरकार झुका चीन, अब ड्रैगन का असली चेहरा आएगा सामने

14 जनवरी को डब्लूएचओ की टीम करेगी दौरा

वाशिंगटन ।  कोरोना वायरस की उत्पत्ति की जांच के लिए चीन तैयार हो गया है। चीन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम को अपने यहां आने और जांच करने के लिए मंजूरी दे दी है। अब विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम 14 जनवरी को चीन का दौरा करेगी। कुछ दिनों पहले चीन ने वीजा का हवाला देकर टीम को आने से मना कर दिया था। मगर आज यानि सोमवार को चीन ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के विशेषज्ञों का एक समूह 14 जनवरी को कोरोना वायरस महामारी की उत्पत्ति की जांच के लिए आने वाला है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने एक वाक्य की घोषणा में कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के विशेषज्ञ चीनी समकक्षों के साथ बैठक करेंगे, मगर कोई अन्य विवरण नहीं दिया। हालांकि, अभी तक यह भी स्पष्ट नहीं है कि डब्ल्यूएचओ की टीम वुहान का दौरा करेगी या नहीं, जहां से कोरोना वायरस निकलकर पूरी दुनिया में कहर मचा रहा है। चीन ने इसे लेकर अभी तक कुछ नहीं कहा है। 

इससे पहले चीन की तरफ से टीम को रोके जाने पर डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडनोम ने नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि उन्होंने टीम को अनुमति देने के लिए चीन को फोन किया था। टेड्रोस ने कहा कि मैं इस खबर से बहुत निराश हूं। उन्होंने आगे कहा कि मैं वरिष्ठ चीनी अधिकारियों के संपर्क में हूं और मैंने एक बार फिर साफ कर दिया है कि ये मिशन डब्ल्यूएचओ और अंतर्राष्ट्रीय टीम के लिए प्राथमिकता है।

पिछली बार मना किए जाने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन के आपात कार्यक्रमों के प्रमुख माइकल रेयान ने कहा था कि विशेषज्ञों को मंगलवार से वहां पहुंचना था, लेकिन उन्हें वीज़ा सहित अन्य आवश्यक मंजूरी नहीं दी गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से पिछले साल मुलाकात की थी। 

कोरोना वायरस की उत्पत्ति का पता लगाने के लिए डब्ल्यूएचओ ने वैज्ञानिकों की एक टीम का गठन किया है। यह टीम चीन के वुहान का दौरा करेगी और इसकी उत्पत्ति की जांच करेगी, क्योंकि कोरोना वायरस का पहला केस इसी शहर में मिला था।