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कोरोना संक्रमण की रफ्तार रोकने प्रशासन का टेस्टिंग और वैक्सीनेशन पर फोकस

कोरोना संक्रमण की रफ्तार रोकने प्रशासन का टेस्टिंग और वैक्सीनेशन पर फोकस


एक सप्ताह का वैक्सीनेशन रोस्टर बनाने के निर्देश, चिन्हांकित लोगों को मिलेेंगे टोकन

कोरोना टीकाकरण पर कलेक्टर गंभीर, बैठक में दिए सख्त निर्देश, प्रशासन अलर्ट पर

कोरबा , 1 अप्रैल। कोरबा जिले में कोविड संक्रमण एक बार फिर अपने पैर पसार रहा है। कोरोना संक्रमण की रफ्तार रोकने के लिए पहले की तरह ही जिला प्रशासन ने कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल के नेतृत्व में गंभीरता से काम शुरू कर दिया है। इस बार प्रशासन का मुख्य टारगेट कोरोना टेस्टिंग को बढ़ाकर प्राथमिक स्तर पर ही मरीजों की पहचान कर उन्हंे ईलाज उपलब्ध कराना और 45 वर्ष  से अधिक आयु के सभी लोगों का टीकाकरण कराना है। आज इस संबंध में कलेक्टर श्रीमती कौशल ने कलेक्टोरेट सभा कक्ष में महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चारों अनुविभागों के एसडीएम और मैदानी स्तर के विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। बैठक में कलेक्टोरेट सभा कक्ष में जिला पंचायत के सीईओ कुंदन कुमार, अपर कलेक्टर प्रिंयका महोबिया, सीएमएचओ डाॅ. बी. बी. बोडे, डिप्टी कलेक्टर आशीष देवांगन और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। 

कोविड वैक्सीनेशन पर फोकस - बैठक में श्रीमती कौशल ने कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को कोरोना का टीका लगाने की गति बढ़ाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने आने वाले एक सप्ताह के लिए ग्राम वार, ग्राम पंचायतवार 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों की पहचान कर टीकाकरण का दिन एवं स्थान निर्धारित करते हुए पूरा रोस्टर बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। चिन्हांकित 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को निर्धारित दिनवार टीकाकरण सेंटर में ले जाकर कोविड का टीका लगवाया जाएगा। ग्राम पंचायतवार इसके लिए ग्राम सचिव, सरंपचो, मितानिनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित संबंधित गांव के शिक्षकों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। वैक्सीनेशन सेंटरों पर व्यवस्थाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग के अमले के साथ-साथ प्रभारी के रूप में पटवारी भी काम पर लगाए जाएंगे। इसके साथ ही कानून व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस कर्मी भी वैक्सीनेशन सेंटरो पर तैनात होंगे। गांव-गांव में 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को उनके स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति के हिसाब से दिन निर्धारित कर कोविड वैक्सीनेशन के लिए टोकन दिया जाएगा। टोकन में उल्लेखित तिथि पर संबंधित व्यक्ति टीकाकरण केन्द्र पर जाकर कोविड का टीका लगवा सकेंगे। टीकाकरण के एक दिन पहले गांव-गांव में कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराई जाएगी। टीकाकरण सेंटरों तक पहुंचने में असमर्थ लोगांे को आने-जाने की सुविधा भी आवश्यकता अनुसार जनपद पंचायतों द्वारा  मुहैया कराई जाएगी। 

महुआ संग्रहण के सीजन को देखते हुए बढ़ेगा टीकाकरण का समय - जिले के ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में लोग इस सीजन में महुआ बीनने जंगलों की ओर जाते हैं। महुआ बीन कर लौटने में लोगों को समय लगता है। इसे ध्यान में रखते हुए कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड वैक्सीनेशन का समय शाम को पांच बजे से आगे बढ़ाने के भी निर्देश दिए। श्रीमती कौशल ने सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर एक-एक छोटे वाहन की चालक सहित व्यवस्था भी रखने के निर्देश दिए ताकि किसी भी विपरित परिस्थिति में तत्परता से वाहन का उपयोग किया जा सके। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों मे मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सक्रिया महिला समूहों की सदस्यों और शिक्षकों को अधिक से अधिक लोगों को कोविड टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित कर वैक्सीनेशन कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने गांव और मोहल्लों में तिथिवार कोविड वैक्सीनेशन के लिए लोगों की सूची राशन दुकानों, पंचायत भवन या सार्वजनिक सामुदायिक भवनो में भी चस्पा करने का सुझाव दिया ताकि ऐसे लोगों को टोका-टाकी करके भी वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित किया जा सके। कलेक्टर ने कोविड वैक्सीनेशन के फायदे और उसकी सुरक्षा से संबंधित तथ्यों के बारे में भी अधिक से अधिक लोगों को बताने, बैनर, पोस्टर, दिवार लेखन आदि के माध्यम से प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। श्रीमती कौशल ने जिले के 45 वर्ष से अधिक शत-प्रतिशत लोगों के कोविड वैक्सीनेशन के लिए स्वयं सेवी संस्थाओं, एनसीसी, एनएसएस और लाइंस क्लब जैसी संस्थाओं की भी मदद लेने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। 

सैम्पलिंग, टेस्टिंग और काॅन्टेक्ट ट्रेसिंग बढ़ाने के भी निर्देश - बैठक में श्रीमती कौशल ने जिले में कोरोना की रोकथाम के लिए अधिक से अधिक लोगों की जांच करने और संक्रमित लोगों के सम्पर्क में आए दूसरे लोगों की तत्परता से पहचान करने के भी निर्देश अधिकारियो को दिए। उन्होंने बैठक में दिन-प्रतिदिन के हिसाब से ब्लाॅकवार तय किए गए टेस्टिंग लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने जिले में प्रतिदिन आरटीपीसीआर पद्धति से टेस्टिंग के लिए 500, एंटीजन पद्धति से एक हजार 100, ट्रु-नाट पद्धति से 160 सैम्पल टेस्ट के हिसाब से एक हजार 760 सैम्पल प्रतिदिन न्यूनतम उपलब्धि प्राप्त करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में सर्दी, खांसी, बुखार जैसे इन्फ्लूएंजा लाइक लक्षणों वाले लोगों की पहचान कर उनका कोरोना टेस्ट अनिवार्यतः करने के निर्देश भी स्वास्थ्य अमले को दिए। श्रीमती कौशल ने संक्रमित पाए गए लोगों के सम्पर्क में आए दूसरे लोगों की 12 घंटे के भीतर पहचान कर उनका अनिवार्यतः कोविड टैस्ट कराने के लिए भी कहा। ऐसे लोगों की कोविड रिपोर्ट आने तक उन्हें होम आईसोलेशन में रहने के लिए निर्देशित करने कहा गया। सम्पर्क में आए लोगों की रिपोर्ट पाॅजिटिव आने पर स्थिति के अनुसार उन्हें कोविड अस्पताल या होम आईसोलेशन में रहकर कोविड प्रोटोकाॅल का पालन करते हुए ईलाज कराने के लिए भी कहने को कलेक्टर ने बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया।