4000 करोड़ रुपये के आईएमए धोखाधडी मामले में 28 आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दायर

 4000 करोड़ रुपये के आईएमए धोखाधडी मामले में 28 आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दायर

बेंगलुरु।  केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पोंजी कंपनी आई मॉनेटरी एडवाइजरी (आईएमए) द्वारा लगभग 4000 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी घोटाले मामले में 28 आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दायर किया है।

जिन लोगों पर आरोप पत्र दायर किये गये हैं उनमें आइएमए का एमडी / सीईओ मोहम्मद मंसूर, तत्कालीन सहायक आयुक्त, बैंगलोर नॉर्थ सब डिवीजन, डीएसपी, ईओडी, सीआईडी, तत्कालीन महानिरीक्षक, ईओडी, सीआईडी, डीसीपी (पूर्व), बैंगलोर सिटी पुलिस, तत्कालीन थाना प्रभारी (इंस्पेक्टर), कमर्शियल स्ट्रीट पुलिस थाना, पुलिस के तत्कालीन सब इंस्पेक्टर, कमर्शियल स्ट्रीट पुलिस थाना और अन्य सहित कुल 28 आरोपी शामिल हैं।

पूरक आरोप पत्र में आरोप लगाया गया कि कि तत्कालीन राजस्व अधिकारी ने बेंगलुरु के अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ आईएमए के खिलाफ प्राप्त शिकायतों और सूचनाओं में पूछताछ एवं सत्यापन को बंद कर दिया था। इसके अलावा यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों के खिलाफ केपीआईडीएफई अधिनियम 2004 सहित कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई नहीं की गयी और इसके बजाय उन्हें क्लीन चिट दी गयी थी और शिकायतों को यह कहते हुए बंद करने की सिफारिश की थी कि उक्त निजी कंपनी किसी गैरकानूनी काम में लिप्त नहीं है।

इसके अलावा यह भी आरोप है कि उक्त कंपनी की गैरकानूनी गतिविधियां बेरोकटोक जारी थीं और कम्पनी ने कई हजारों निवेशकों को करोड़ों रुपये का चूना लगाया था।

उल्लेखनीय है कि सीबाआई ने उक्त मामले के संबंध में चार माले दर्ज किए थे। सीबीआई ने इससे पहले घोटाले में कई आरोप पत्र दायर किए हैं। यह एक घोटाला है जिसमें अनधिकृत जमा से कथित तौर पर बड़ी संख्या में जमाकर्ताओं से लगभग 4000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गयी है।