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आया समय डिजिटल कार्ड का...श्रीमद् भागवत ने दिया सहारा

आया समय डिजिटल कार्ड का...श्रीमद् भागवत ने दिया सहारा

राजकुमार मल

भाटापारा- महामारी के बाद प्रतिबंध मुक्त व्यापार में सबसे बड़ा और व्यापक बदलाव, शादी-ब्याह के कार्ड प्रिंट करने वाले क्षेत्र में नजर आ रहा है, जहां के 20 प्रतिशत हिस्से में डिजिटल कार्ड ने कब्जा जमा लिया है। एक और परिवर्तन यह क्षेत्र देख रहा है कि पहली बार इंक जेट प्रिंटिंग मशीनों की मदद से ग्रामीण क्षेत्र में भी ऐसे कार्ड की छपाई होने लगी है।


महामारी के संकट भरे दो बरस बाद 2022 का साल, शादी कार्ड के बाजार के लिए राहत का संदेश लेकर आया है। परिवर्तन प्रकृति का शाश्वत नियम है, यह बात इस क्षेत्र पर भी समान रूप से लागू होती नजर आती है। यह परिवर्तन डिजिटल कार्ड के रूप में आ चुका है तो, ग्रामीण क्षेत्र पहली बार शहर आने की बजाय अपने ही यहां खुली प्रिंटिंग इकाइयों की ओर कदम बढ़ा चुके हैं। जहां इंक जेट प्रिंटिंग मशीन की मदद से फौरन प्रिंटिंग हो रही है। बावजूद इसके, यह क्षेत्र परिवर्तन को सहजता के साथ स्वीकार कर रहा है और खुद को नए माहौल के अनुरूप ढाल रहा है।

दौर डिजिटल कार्ड का

बदलाव की बयार के बीच पहला परिवर्तन डिजिटल कार्ड के रूप में देखने में आ रहा है। सुख या दुख। दोनों की जानकारी परिजनों को  देने में  सहज माध्यम बनते डिजिटल कार्ड की हिस्सेदारी इस क्षेत्र में तेजी से  बढ़ चुकी है। यह बढ़त प्रिंटिंग क्षेत्र से 20 फ़ीसदी छिनी जा चुकी हिस्सेदारी के रूप में सामने आ चुकी है। इसमें और बढ़त के आसार लगातार बने हुए हैं।

पहली बार नया परिवर्तन

श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ पहले भी होते रहे हैं लेकिन कोरोना के दंश से लगभग हर परिवार पीड़ित रहा है। ऐसे में शांति के लिए श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ लगभग हर जगह हो रहे हैं। इस आयोजन की जानकारी प्रिंटिंग कार्ड के जरिए पहुंचाई जा रही है। कहा जा सकता है कि कोरोना और डिजिटल कार्ड की वजह से हुए नुकसान की भरपाई के लिए यह आयोजन बेहतर अवसर के रूप में पहुंच चुका है।

ग्रामीण क्षेत्रों में प्रिंटिंग



इंक जेट प्रिंटर। यह नाम अब लगभग हर गांव में सुने जा सकते हैं। कम लागत में मिलने वाली इस मशीन के जरिए ग्रामीण, गांव में ही शादी कार्ड प्रिंट करवाने लगे हैं। इसका असर शहर की प्रिंटिंग इकाईयों में कमजोर ग्राहकी के रूप में दिखाई दे रहा है लेकिन राहत के लिए ऐसे आर्डर का मिलना चालू हो चुका है जो डिजाइनर या फैंसी कार्ड प्रिंट करवाना चाहते हैं। लिहाजा बदलाव और परिवर्तन के बीच, नए स्वरूप में खुद को ढाल रहा है यह क्षेत्र।

बदलाव का दौर

डिजिटल कार्ड और इंक जेट प्रिंटिंग की उपलब्धता से शादी- ब्याह के कार्ड प्रिंटिंग करने वाला क्षेत्र  बदलाव के दौर में हैं। इसे भविष्य के लिए सुखद माना जा सकता है।

- अनिल अग्रवाल, अंकुर प्रिंटर्स, बिलासपुर