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चैंपियन रिफ्राटेक की 800 टन प्रेस मशीन के संचालन की प्रक्रिया प्रतिबंधित

चैंपियन रिफ्राटेक की 800 टन प्रेस मशीन के संचालन की प्रक्रिया प्रतिबंधित

सेंसर लगाकर प्रेस मशीन संचालित करने के निर्देश

सक्ती जांजगीर-चांपा, 26 अक्टूबर।  कारखाना निरीक्षक एवं सहायक संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा जांजगीर द्वारा जिले के सिवनी स्थित चैंपियन रिफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड में गत 24 अक्टूबर को दुर्घटना होने और इसमें 25 वर्षीय श्रमिक गुरुदयाल के गंभीर रूप से घायल होने को मद्देनजर कारखाना के 800 टन प्रेस मशीन के संचालन की प्रक्रिया को प्रतिबंधित कर दिया गया है और कारखाने के अधिभोगी प्रतीक अग्रवाल कोे सभी प्रेस मशीनों में सेंसर लगाकर संचालित करने कहा गया है।

सहायक संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा द्वारा गत 25 अक्टूबर को जांजगीर जिले के कारखाना मेसर्स चैम्पियन रिफ्राटेक प्रा. लि., ग्राम व पोस्ट-सिवनी, चाम्पा,  में  गुरूदयाल यादव पिता चमरूयादव, उम्र 25 वर्ष (ऑपरेटर/हेल्पर) की घटित गंभीर दुर्घटना व दुर्घटना स्थल की जांच की गई। जांच के दौरान श्री प्रतीक अग्रवाल - कारखाना अधिभोगी उपस्थित थे। 24 अक्टूबर को श्रमिक गुरूदयाल (उम्र 25) प्रेस मशीन (800 टन) पर रॉ मटेरियल डालने के दौरान गंभीर दुर्घटना घटी। जिसमें उनका दाहिना हाथ कट गया।

दुर्घटना के विस्तृत विवरण में बताया गया है कि कारखाने में मिक्सड रॉ मैटेरियल जिसे विभिन्न साईज के प्रेस मशीन में डालकर आकार दिया जाता है। वर्तमान में कारखाने में विभिन्न क्षमता की 6 प्रेस मशीनें है। दुर्घटना प्रेस मशीन जिसकी क्षमता 800 टन है उसमें घटित हुई है। 24 अक्टूबर को अपरान्ह 03.30 श्री गुरूदयाल यादव 800 टन प्रेस मशीन में रॉ मटेरियल को डाल रहे थे और उस समय प्रेस मशीन गतिमान अवस्था में था। अचानक उनका दाहिना हाथ रैम और पैटर्न के मध्य आ गया। जिससे उनका दाहिना हाथ कट गया और वो गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे ईलाज हेतु सुपरवाईजर द्वारा नायक नर्सिग होम चाम्पा ले जाया गया। जहाँ से अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर रिफर किया गया। तत्पश्चात् अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर द्वारा उचित ईलाज हेतु कालड़ा नर्सिंग होम रायपुर ले जाया गया जहाँ वर्तमान में श्रमिक का ईलाज जारी हैं।

उक्त गंभीर दुर्घटना की जांच में यह पाया गया कि 800 टन प्रेस मशीन में श्रमिकों द्वारा स्वयं के हॉथों से रॉ मटेरियल को पैटर्न में डाला जाता है फिर मशीन को चालू किया जाता है। रैम हाईप्रेशर से पैटर्न की तरह आता है। यदि उस दौरान श्रमिक पैटर्न में फैले रॉ मटेरियल को हाथों से एकत्रित कर डालता है तो दुर्घटना की आशंका बनी रहेंगी। ऐसे ही कारखाने में स्थापित समस्त 06 प्रेस मशीनों में भी ये संभावनाएं बनी रहेगी।

कारखाना निरीक्षक,   एवं सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा मनीष कुंजाम द्वारा कारखाना अधिनियम, 1948 की धारा 40(2) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कारखाने के 800 टन प्रेस मशीन के संचालन प्रक्रिया को प्रतिबंधित कर दिया गया है।  कारखाने के अधिभोगी प्रतीक अग्रवाल को यह आदेशित किया गया है कि वे  कारखाने में स्थापित समस्त प्रेस मशीनों का सेंसर लगाकर संचालित करे जिससे की जब श्रमिक हाथ डाले तो मशीन ऑटोमेटिक रूक जाये,जारी आदेश में बाडे की व्यवस्था करने कहा गया है ताकि श्रमिक का हाथ वहां तक न पहुचे, पर्यवेक्षण की व्यवस्था कर व अन्य ऐसी व्यवस्था करने कहा गया है जो श्रमिकों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा हेतु आवश्यक हो तथा इस प्रकार के कार्य के दौरान सुरक्षित कार्य पद्धति अपनाएं। 

कारखाने के अधिभोगी से कहा गया कि वे उक्त निर्देशों का पालन प्रतिवेदन संबधी  विस्तृत रिपोर्ट दस्तावेज सहित  कार्यालय में प्रस्तुत करें। ताकि उन्हें भविष्य में किसी भी प्रकार की प्राणातक व गंभीर दुर्घटना से बचाव हेतु  किये गए समस्त उपायों के भौतिक सत्यापन पश्चात् ही कारखाने में स्थापित समस्त प्रेस मशीनों के संचालन प्रक्रिया को पुनः प्रारंभ करने की अनुमति प्रदान की जा सके।