breaking news New

ख़बर का असर :- सहकारिता विभाग के विस्तार अधिकारी राजेंद्र मेहर के खिलाफ़ विभागीय जाँच शुरू, तेलासी सहित अन्य समितियों के प्राधिकृत पद से हटाया

ख़बर का असर :- सहकारिता विभाग के विस्तार अधिकारी राजेंद्र मेहर के खिलाफ़ विभागीय जाँच शुरू, तेलासी सहित अन्य समितियों के प्राधिकृत पद से हटाया


ख़बर का असर :- सहकारिता विभाग के विस्तार अधिकारी राजेंद्र मेहर के खिलाफ़ विभागीय जाँच शुरू, तेलासी सहित अन्य समितियों के प्राधिकृत पद से हटाया

चमन प्रकाश केयर

रायपुर | तेलासी धान उपार्जन केंद्र में हुई धान की चोरी एवं प्राथमिक कृषि साख सहकारी मर्यादित समिति पं.क्र. 1533 में हुई आर्थिक अनिमियतता की ख़बर का उजागर करने पर एक बार फिर दैनिक आज की जनधारा एवं व्हीआईपी न्यूज़ की ख़बर का असर हुआ है | सहकारिता विभाग के विस्तार अधिकारी एवं प्राधिकृत अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार मेहर के कारनामों एवं समितियों के अधिकारी – कर्मचारियों द्वारा की जा रही गड़बड़ियों को संरक्षण देने के खिलाफ़ हमने लगातार प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित किये थे | जिसके बाद हमारी ख़बर पर सहकारिता विभाग ने संज्ञान में लेते हुए तेलासी, भवानीपुर, और बोहरडीह समितियों में पदस्थ प्राधिकृत अध्यक्ष मेहर को पद से हटाते हुए उनके खिलाफ विभागीय जाँच कराने के आदेश दे दिये है | वहीं मेहर के स्थान पर विभाग के वरिष्ठ सहकारिता निरीक्षक अधिकारी आर के सूर्यवंशी को उक्त समितियों का चार्ज दिया गया है |


दरअसल में, बलौदाबाजार जिले के तेलासी धान उपार्जन केंद्र में तीन महीने पहले मंडी से धान का अवैध परिवहन मामले में लीपापोती कर जाँच की गयी थी | जिसमें जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों पर आज तक कोई कार्यवाही नही हुई | जप्त धान आज भी गिधपुरी थाने के सलाखे में कैद है, राजेन्द्र मेहर के कारनामे की ख़बरें आये दिन मिडिया में सुर्खियाँ बन रही थी | जिसके चलते सहकारिता विभाग के अधिकारी - कर्मचारियों सहित प्रशासनिक गलियारों में जिले और विभाग की बदनामी हो रही थी | इसके अलावा तेलासी समिति से प्राधिकृत अध्यक्ष राजेंद्र, प्रबन्धक दूजराम साहू, मलर साहू ने किसानों को प्रति वर्ष दी जाने वाली कृषि ऋण के लिए पिछले वर्ष डिमांड नोटिस नही बटवाया | जिस कारण कई किसानों को खाद बीज नही मिल सकी | इसके अलावा एक गंभीर मामला यह भी है कि कई भोले भले ग्रामीण किसानों के नाम पर अवैध रूप से खाद् का कर्जा चढ़ाकर किसानों द्वारा मंडी में बेचे गये धान का समायोजन नही किया गया | वहीं जब कुछ किसानों को कृषि ऋण नही मिलने पर पड़ताल की गयी तो कई किसानों के नाम पर बैंक से कर्जा होना पाया गया जिसके चलते कई किसान खेती नही कर पाए तो कई डिफाल्टर घोषित हो गये |  

मिली जानकारी के मुताबिक तेलासी के प्रबन्धक मलर साहू, दूजराम साहू, गिधपुरी समिति के प्रबन्धक फिरेन्द्र साहू को वित्तीय अनिमियतता मामले में तात्कालिक अध्यक्ष सहित तात्कलिक कोदवा बैंक के पर्यवेक्षक गोपाल वर्मा को विभाग के वरिष्ठ सहकारिता निरीक्षक अधिकारी एवं जाँच  अधिकारी के. वी. वारे ने नोटिस जारी कर जवाब देने कहा गया है | वहीं ग्रामीणों ने सहकारिता विभाग के अधिकारी राजेंद्र मेहर के पास कई वर्षों से धान उपार्जन केंद्र तेलासी में सीसीटीवी कैमरे, इलेक्ट्रानिक कांटे से तौल, पर्याप्त सुरक्षा अव्यवस्था की मांग को लेकर कई बार शिकायत किये है | बावजूद इसके उनके द्वारा इस ओर कोई कदम उठाया नही गया जिसके चलते प्रति वर्ष किसानों की धान का जमकर हेर फेर किया जा रहा था |

सीईओ राजेन्द्र मेहर प्राधिकृत पर पद का दुरूपयोग करने एवं उनके द्वारा किसानों के खाते में फर्जीवाड़ा कर चढ़ाये गये अतिरिक्त राशि की वसूली नही करने का आरोप लगाया गया था | मेहर पर यह भी आरोप है कि करीब दो दर्जन से अधिक किसानों के खाते दो लाख रूपये की लागत से खाद चढ़ा कर बंदरबांट किया गया है | कुछ ऐसे किसान है जिनमें, तुकाराम पटेल ( अजय पटेल ) के खाते में 25 हजार, चौबीसराम पटेल के खाते में 34 हजार, सुरेन्द्र मांडले के खाते में 52 हजार, रोहित पटेल के खाते में 35 हजार, एवं मोहित यादव के खाते में 9 हजार रूपये का अधिक खाद चढ़ा दिया गया है | इसके अलावा राम कुमार पटेल से कूटरचना कर 30 हजार रूपये खाद खाते में हस्ताक्षर करवाने के बाद भी उक्त किसान को खाद नही मिला, और उनके नाम के खाद को अन्य लोगों को महंगे दामों में बेचने का मामला सामने आया है |

सीईओ राजेंद्र कुमार मेहर ने मनमानी करते हुए कुछ संचालक मंडल के सदस्यों और तेलासी समिति के प्रबंधक फिरेन्द्र साहू से मिलीभगत कर मेहर ने शासन के नियम विरुद्ध जाकर फिरेन्द्र साहू को गिधपुरी समिति का प्रभारी प्रबंधक बनाने का आरोप लगे है | सीईओ राजेंद्र कुमार मेह पर मलर साहू से मिलीभगत कर संरक्षण देने का आरोप है | मिली जानकारी के मुताबिक जब मलर साहू पहले गैतरा में सेल्समैन थे, तब सीईओ मेहर ने मलर साहू से मिलीभगत कर अयोग्य एवं गैर अनुभवी होने के बाद भी का प्रभार दे दिए है | वहीं इस पुरे प्रकरण को लेकर विभागीय जाँच शुरू हो गयी है जो कुछ ही दिनों में अपनी जाँच रिपोर्ट विभाग में सौंप देंगी | जिसके बाद एक बड़ी कार्यवाही होने की पूर्ण संभावना जतायी जा रही है | जिसमें कई बड़े अधिकारी- कर्मचारी इस जाँच के जद में आ सकते है | 

 

वर्सन,


विभाग के विस्तार अधिकारी राजेंद्र मेहर के खिलाफ और तेलासी, गिधपुरी में हुई गडबडी की खबरे आये दिन छप रही थी | इससे विभाग की बदनामी भी हो रही थी जिस कारण से राजेंद्र मेहर से तेलासी, भवानीपुर, एवं बोहरडीह समिति के प्राधिकृत पद से हटाते हुए विभाग के अधिकारी आर. के.सूर्यवंशी को प्रभार दिया गया है | साथ ही अख़बारों में छपी खबरे और शिकायत पर के. वी. वारे को जाँच अधिकारी नियुक्त कर राजेंद्र मेहर सहित समितियों के अधिकारी- कर्मचारियों के खिलाफ जाँच करायी जा रही है | जाँच उपरांत दोषी पाए जाने वाले अधिकारी – कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी |

उमेश गुप्ता, सहायक पंजीयक सहकारिता विभाग बलौदाबाज़ार