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एयर इंडिया के निजीकरण मामले में कर्मचारियों ने जताई चिंता, कहा- हमें भी उठाना पड़ेगा भारी आर्थिक नुकसान

एयर इंडिया के निजीकरण मामले में कर्मचारियों ने जताई चिंता, कहा- हमें भी उठाना पड़ेगा भारी आर्थिक नुकसान


नई दिल्ली, 28 दिसंबर। एयर इंडिया एम्पलाइज यूनियन ने नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी के साथ बैठक किए जाने की मांग की है, जिसमें एयर इंडिया के निजीकरण के मद्देनजर उनके द्वारा चिकित्सा योजना का विस्तार, छुट्टी के बदले नकद भुगतान और भविष्य निधि जैसे लाभ प्रदान किए जाने पर बात की जाएगी। पुरी को लिखे एक पत्र में यूनियन ने कहा है कि एयर इंडिया में मौजूदा चिकित्सा योजना को जारी रखा जाना चाहिए क्योंकि यह वर्तमान में काम कर रहे और सेवारत कर्मचारियों के लिए है।

भविष्य निधि पर यूनियन ने कहा है कि पूर्ववर्ती एयर इंडिया और तत्कालीन इंडियन एयरलाइंस में दो अलग-अलग भविष्य निधि ट्रस्ट हैं, जो सन 1925 के पीएफ ट्रस्ट अधिनियम द्वारा शासित हैं।

यूनियन ने कहा, "हम चाहेंगे कि एयर इंडिया के निजीकरण के बाद भी इन्हें जारी रखा जाए।"

अब जहां तक बात रही छुट्टी के बदले पैसे दिए जाने की, तो इस पर यूनियन ने अपनी बात रखते हुए कहा है कि रिटायरमेंट के वक्त छुट्टियों के बदले पैसे मिल जाते हैं और ऐसा होता आ रहा है। 

पत्र में लिखा गया, "रिटायर होने के बाद एक अच्छी जिंदगी बिताने के लिए कुछ कर्मचारी इन्हीं चीजों पर आश्रित रहते हैं। एयर इंडिया के निजीकरण के संदर्भ में ये जो लाभ हैं, उन पर शायद रोक लगा दी जाएगी और कर्मचारियों को भी काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा इसलिए यूनियन की मांग यही है कि 31 मार्च, 2021 तक कर्मचारियों को छुट्टी भत्ता दिया जाना चाहिए।"