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वन विभाग ने 40 लाख के मिट्टी बांध निर्माण में किया भ्रष्टाचार

वन विभाग ने 40 लाख के मिट्टी बांध निर्माण में किया भ्रष्टाचार


 चंद्र प्रकाश साहू
 नवनिर्मित बांध में पहली बारिश में आई दरार, बांध फूटने से गांव होंगे प्रभावित
- भारी बारिश से कभी भी बह सकता है बाँध,- बाँध फुटने प्रभावित होगें कई ग्राम...


सूरजपुर /रामानुजनगर। जिले के वन विभाग के कार्यशैली लगातार सुर्खियों में रहता है। इस बार केम्पा मद से नरवा नव निर्मित निर्मित लाखों लागत से बंधा बांध एक बारिश भी नही झेल पाया है। बांध के तट में दरारें आ चुकी है। कभी भी बांध फूटने की सम्भावना है। जिससे कई गांव जलमग्न हो सकते है। इस ओर प्रशासन आँख मुंदे किसी घटना के इंतजार में है।



गौरतलब है कि वन परिक्षेत्र रामानुजनगर के ग्राम अर्जुनपुर अम्खों में नरवा विकाश योजना के तहत राज्य कैम्पा मद से वर्ष 2020- 21 में करीब 40 लाख रुपये की लागत से मिट्टी और पत्थल से बांध निर्माण कराया गया था। नव निर्मित बांध निर्माण जमकर अनिमियता बरती गई थी। वन विभाग के रेंजर रामचंद्र प्रजापति व उनके सहयोगी सुनील कुमार के द्वारा निर्माण कराया गया है। जिसमें लगभग 5-6 माह कार्य पूर्ण होते हुआ है। और बरसात का पहला बारिश नही झेल पाया है और तट में दरार आ गया है। जिसमें बांध निर्माण कार्य पूरी तरीके से फुटने की कगार पर है, वही वन विभाग के अधिकारी सुनील कुमार के द्वारा यह कार्य दो चार मजदूरों को लेकर बाँध मे आई दरारें की लिपापोती करके दरार भरने का काम किया जा रहा है। तथा इस कार्य की बोर्ड निर्माण कार्य में सबसे बड़ी गड़बड़ी वर्ष 2020-21 दर्शाया  गया है परंतु स्वीकृत राशि को बोर्ड में छुपा दिया गया है। जिसमें लाखों रुपए खर्च करके बांध निर्माण कार्य करा दिया गया है।


अर्जूनपुर के ग्रामीण है भयभीत :-


इन दिनों भारी बारिश मिट्टी से निर्मित बाँध फुटने की स्थिति मे है जिससे ग्राम पंचायत अर्जुनपुर के ग्रामीणों मे भय व्याप्त है। बांध के फूटने पर कई गांव में जल भराव हो सकता है। फसल पूरी तरह से तबाह भी हो सकती है।

विभागीय अधिकारियों को नही है इस ओर ध्यान

निर्माण एजेंसी के साथ साथ विभागीय अधिकारी भी हाथ पर हाथ धरे बैठें है आने वाले विपदा से भलिभांति परिचित अधिकारियों का ध्यान इस ओर बिल्कुल नहीं है। जिस कारण बड़ी दुर्घटना घटने की संभावना है।



बांध अनिमियता को लेकर हो चुकी है शिकायक्त

बांध अनिमियता को लेकर आरईटी एक्टिविस्ट नायडू द्वारा लिखित शिकायत कर कार्यवाही की मांग की गई थी। जिसके बाद भी अफसर के कानों में जु नही रेंग रही है।