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लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत बनी सड़क दो माह में ही हो गई खराब, अधिकारियों ने दोबारा बनाए जाने के दिए निर्देश

लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत बनी सड़क दो माह में ही हो गई खराब, अधिकारियों ने दोबारा बनाए जाने के दिए निर्देश

संजय सोनी, भानुप्रतापपुर। लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत बनी सड़क 2 माह में ही धंसने व उखड़ने लगी थी। जिसे लेकर कई बार समाचार प्रकाशित किया गया। तब मौके पर पहुँचे अधिकारियों ने सड़क को पूरी तरह उखाड़ कर दुबारा बनाए जाने के निर्देश दिए। किंतु अंदरूनी क्षेत्र का फायदा उठाकर लोगों को गुमराह करते हुए ठेकेदार द्वारा उसकी मरम्मत कराई जा रही थी। शनिवार को ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए कार्य को बंद करवाया और सही तरीके से सड़क बनाने की मांग करते हुए विभाग तथा ठेकेदार को समझाइश दी गयी।

ज्ञात हो कि क्षेत्र में सड़को का जाल बिछाने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग द्वारा ठेकेदारों के माध्यम से सड़क निर्माण कराया जा रहा है। किंतु इन सड़कों की गुणवत्ता मानक के आधार पर नहीं है जिसके चलते कुछ ही महीनों में सड़क उखड़ने व धंसने लगी है। वर्तमान में इन्ही सड़को की मरम्मत विभाग द्वारा कराई जा रही है। 


लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की मरम्मत करने के बाद वह कुछही दिनों में पुनः उखड़ने लगेगी इसलिए पूरी तरह उखाड़ कर मानक के आधार पर सड़क दुबारा बनाई जानी चाहिए। ठेकेदार नियम कायदों को दर किनार करते हुए गुणवत्ताहीन सड़क बनाते है। निर्माण के दौरान मौके पर विभाग के अधिकारी मौजूद नहीं रहते जिसके चलते स्तरहीन मानक की सामग्रियों का उपयोग धड़ल्ले से कर दिया जाता है। कुछ ही दिनों मे सड़क उखड़ने व धसने लगी है जिसका खामियाजा स्थानीय ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है। 

लोक निर्माण विभाग में पंजीकृत ठेकेदार आरसी जैन के द्वार विनायकपुर से शिवनी तक सड़क का निर्माण करवाया गया है। इस सड़क की गुणवत्ता इतनी खराब थी कि पहली बारिश में ही डामर उखड़ गया व कई जगहों पर सड़क धंस गयी। पूर्व में प्रकाशित समाचार में विभाग के एसडीओ द्वारा यह कहा गया था कि सड़क को उखाड़ कर दोबारा बनाया जाएगा लेकिन फिलहाल बारिश की वजह से कम बन्द है। अब बारिश के जाते ही सड़कों का कार्य शुरू हुआ तो ठेकेदार ने उस सड़क की पेंच वर्क से मरम्मत करना शुरू कर दी। ग्रामीणों द्वारा इसका विरोध जताया गया और सड़क को अच्छे से बनाने की मांग करते हुए निर्माण स्थल पर ही बैठ गए। मौके पर पहुँचे इंजीनियर ने ग्रामीणों को समझाइश दी कि सड़क को उखाड़ कर दुबारा बनाया जाएगा और इस बार अच्छी सड़क बनेगी तब जाकर मामला शांत हुआ। 

अधिकारियों को मिलता है मोटा कमीशन....

शिवनी के ग्रामीण मनसा मण्डावी, रूपसिंह कोमरा, जगदूराम मण्डावी, झाड़ूराम उइका, सामसाय मण्डावी, रायसिंह मण्डावी, बलीराम मण्डावी, महेश मतलामी, लक्ष्मण उइका, मोतीराम उसेंडी आदि ने बताया कि सड़क बनाने के पूर्व से ही ठेकेदार को अच्छी सड़क बनाने का निवेदन किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों को भी समय समय पर निरीक्षण करते रहने की अपील की गई ताकि सड़के अच्छी बन सके। लेकिन आज जो स्थिति है उससे तो यही लगता है कि ठेकेदार के घटिया निर्माण को विभाग द्वारा ही संरक्षण दिया जा रहा है। मोटे कमीशन के खेल में सरकार के लाखों रुपए बंदरबांट कर लिए जाएंगे और ग्रामीणों को घटिया सड़क ही नसीब होगी।