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कोयला मंत्रालय ने गारे पालमा 4/1 खदान के लिए जिन्दल पावर को सफल बोलीदाता घोषित किया

कोयला मंत्रालय ने गारे पालमा 4/1 खदान के लिए जिन्दल पावर को सफल बोलीदाता घोषित किया

रायपुर, 2 जनवरी। कोयला मंत्रालय ने उद्योगपति नवीन जिन्दल के नेतृत्व वाली कंपनी जिन्दल स्टील एंड पावर लिमिटेड (जेएसपीएल)की सहायक कंपनी जिन्दल पावर लिमिटेड (जे.पी.एल.) को गारे पालमा 4/1 कोयला खदान के लिए सफल बोलीदाता घोषित किया है।

जिन्दल पावर लिमिटेड ने बोली के लिए निर्धारित प्रतिनिधि मूल्य के 25 प्रतिशत प्रीमियम पर गारे पालमा 4/1 कोयला खदान को नीलामी में हासिल कर लिया। इस कोल खदान के मिलने से तमाम मुश्किलों से जूझ रहे जिन्दल पावर लिमिटेड को काफी राहत मिलने के आसार है। यह कोल ब्लाक पहले भी इसी समूह के पास था लेकिन बाद में उच्चतम न्यायालय के कोल ब्लाकों के रद्द करने के निर्णय के बाद यह कंपनी से छिन गया था। इससे इस कोल ब्लाक के बिल्कुल निकट स्थित कंपनी के 3400 मेगावाट क्षमता के बिजलीघर में उत्पादन लगभग नगण्य हो गया था।


देश के निजी क्षेत्र के बड़े संयंत्रों में से एक तमनार न तो रेल मार्ग और न ही बेहतर सड़क मार्ग से जुड़ा है। तमनार संयंत्र में बाहर से कोयला लाकर उत्पादन करना भारी घाटे का सौदा था। लिहाजा कंपनी केवल नाम मात्र का उत्पादन कर रही थी। कंपनी ने कोल ब्लाक आवंटन होने के बाद ही इसके निकट इस संयंत्र की स्थापना की थी। जिस समय आवंटन रद्द हुआ उससे काफी पहले इसमें उत्पादन शुरू हो चुका था।

यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार जिन्दल पावर लिमिटेड ने बोली के लिए निर्धारित प्रतिनिधि मूल्य के 25% प्रीमियम पर गारे पालमा 4/1 कोयला खदान के लिए नीलामी जीती। जेएसपीएल के प्रबंध निदेशक वी.आर.शर्मा ने इस संबंध में जारी अपने बयान में कहा, "जे.पी.एल. को सफल बोली लगाने वाले के रूप में घोषित करने के लिए हम कोयला मंत्रालय के शुक्रगुज़ार हैं।"

जिन्दल स्टील एंड पावर लिमिटेड (जेएसपीएल) देश की अग्रणी स्टील उत्पादक कंपनियों में से एक है जो बुनियादी ढांचा क्षेत्र की मजबूती के लिए पूरे समर्पित भाव से काम कर रही है। विश्व स्तर पर लगभग 90 हजार करोड़ रुपये के निवेश के साथ जेएसपीएल अपनी क्षमता के पूर्ण इस्तेमाल पर ध्यान दे रही है ताकि आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो सके। तमनार में स्वतंत्र पावर प्लांट का संचालन कर रही जिन्दल पावर लिमिटेड की उत्पादन क्षमता 3400 मेगावाट है। देश में स्वतंत्र बिजली उत्पादन करने वाली यह पहली निजी कंपनी है।