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ग्रामीणों को नुकसान ना पहुंचे इसलिए DFO सतोविशा समाजदार ने अपनी जान दाव पर लगाकर हाथी को बस्ती में जाने से रोका..

ग्रामीणों को नुकसान ना पहुंचे इसलिए DFO सतोविशा समाजदार ने अपनी जान दाव पर लगाकर हाथी को बस्ती में जाने से रोका..

बालोद, 22  अक्टूबर। हाथियों का दल ग्राम लिमउडीह के बस्ती के पास जंगल मे अपना डेरा जमाए हुए है वहीं उनके दल का एक सदस्य बस्ती से ही लगे खेतों में आ पहुचा जिसके बाद हाथी पानी पीने तलाब पहुचा वही पास में मौजूद एक ग्रामीण के घर में भी केले की फसल खाने घुस गया। इस दौरान घर में कोई सदस्य तो नहीं इस चिंता से स्वयं डीएफओ सतोविशा समाजदार ने गाड़ी में बैठ घर की ओर गाड़ी को ले जाने ड्राइवर से कहा पर पहले ही घर के सदसस्य गण ताला लगाकर बस्ती की ओर जा चुके थे लगभग 1 घंटे तक हाथी ग्रामीण के घर में ही खड़ा रहा।


हाथी को बस्ती की ओर जाने रोकने के लिए डीएफओ ने अपनी जान की बाजी लगा दी

हाथी के दल का एक सदस्य ग्राम लिमउडीह की ओर बड़ रहा था ग्रामीणों को नुकसान ना पहुंचे इसलिए डीएफओ सतोविशा समाजदार ने अपनी जान की बाजी लगाकर मोर्चा संभाला लगातार बोलेरो वाहन में बैठकर रोड पर ही गाड़ी चलाने लगे ताकि हाथी वापस जंगल की ओर जा सके लेकिन कुछ देर बाद हाथी आक्रोशित हो गया और डीएफओ की गाड़ी को भी दौड़ाया पर डीएफओ ने हार नहीं मानी अंत में कुछ देर के बाद हाथी वापस जंगल की ओर चला गया तब सभी ग्रामीण सहित अधिकारियों ने राहत की सांस ली मौके पर उपस्थित अधिकारी कर्मचारी और ग्रामीणों ने डीएफओ के कार्यो और हौसले की सराहना की और उन्हे धन्यवाद भी दिया अगर हाथी बस्ती की ओर चला जाता तो कुछ भी ह़ो सकता था।