खाद्य एवं संस्कृति मंत्री का उपलब्धि भरा रहा एक वर्ष

खाद्य एवं संस्कृति मंत्री का उपलब्धि भरा रहा एक वर्ष

लाॅकडाउन में लोगों तक खाद्यान्न पहुंचाना बड़ी उपलब्धि: मंत्री श्री भगत 

सी.एल.तिवारी

लगातार चौथी बार सीतापुर विधायक बने अमरजीत भगत ने छत्तीसगढ़ सरकार में खाद्यमंत्री एवं संस्कृति मंत्री का पद सम्हालने के बाद छत्तीसगढ़ में खाद्य वितरण प्रणाली को सशक्त बनाने के लिए विशेष प्रयास किया है । प्रदेश के उचित मूल्य की दुकानों में एकरूपता लाने सभी दुकानों के दीवारों को तिरंगा कलर से पुताई कराने और पारदर्शिता एवं सुरक्षा की दृष्टि से शहरी क्षेत्रों की राशन दुकानों में सी.सी.टव्ही कैमरा लगाने के साथ ही सभी मूलभूत सुविधाएं उपल्ब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। श्री भगत ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में सरकार द्वारा लिए गए लोक कल्याणकारी निर्णयों को सफलतापूर्वक क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रहे हैं। राज्य सरकार की घोषणा के अनुरूप प्रदेश के सभी परिवारों को हर महीने 35 किलो चावल दिया जा रहा है। अनुदान प्राप्त एवं निजी छात्रावास, आश्रम एवं कल्याणकारी  संस्थाओं के पंजीकृत 83 हजार 640 हितग्राहियों को अक्टूबर 2019 से खाद्यान्न प्रदान किया जा रहा है। राज्य सरकार के इस कदम से अब कोई भी व्यक्ति राशन से वंचित नही रहा। राज्य में 66.22 लाख राशनकार्डधारी परिवारों के 2.46 करोड़ सदस्यों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश के सभी राशन कार्ड धारियों को मिट्टी वितरण शुरू किया गया है।      

राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए किए गए लाॅकडाउन के दौरान सार्वभौम पीडीएस के तहत 57 लाख अन्त्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित और निःशक्तजन राशनकार्डधारियों को तीन माह अपैल, मई, जून में निःशुल्क वितरण किया गया।  लाॅकडाउन के दौरान राशनकार्डविहीन 73 हजार से अधिक परिवारों का नया राशनकार्ड बनाया गया। जिनमें 42,520 बीपीएल और 30,519 एपीएल राशनकार्ड शामिल है । अन्य जिले या जिले के ही अन्य शहर या गांवों के राशनकार्डधारी परिवार जा लाॅकडाउन के कारण अपने मूल राशन दुकान से खाद्यान्न नहीं ले पा रहे है, उन्हें वर्तमान निवास स्थान के निकटस्थ उचित मूल्य की दुकानों से खाद्यान्न लेने की सुविधा दी गई है। राज्य के राशनकार्ड विहीन परिवारों एवं प्रवासी मजदूरों को मई एवं जून माह में प्रति सदस्य पांच किलो चावल और प्रति परिवार एक किलो चना प्रतिमाह प्रदाय किया जा रहा है। राज्य के सभी ग्राम पंचायतों में दो क्विंटल चावल का भण्डारण किया गया । इसके लिए 11,105 ग्राम पंचायतों के लिए 22,210 क्विंटल का आबंटन जारी किया गया ।

अमरजीत भगत ने मंत्री पद ग्रहण करने के पश्चात सबसे पहले एपीएल सामान्य परिवारों को 10 रूपए प्रति किलो चावल उचित मूल्य की दुकानों से देने की निर्णय को प्रभावशाली ढंग से शुरू किया। इससे राज्य के नौ लाख परिवार लाभान्वित हो रहें है। एपीएल परिवारों को अब दस रूपए की दर से दो किलो प्रति राशनकार्ड आयोडाइज्ड अमृत नमक का भी वितरण किया जा रहा है। श्री भगत ने स्वादिष्ट चना योजना का भी शुभारंभ किया। बस्तर क्षेत्र में मधुर गुड़ योजना का शुभारंभ कर वितरण शुरू कराया। आज बस्तर संभाग के छह लाख से अधिक परिवारों को गुड़ योजना का लाभ मिल रहा है। 

राज्य सरकार किसानों से खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में खरीदे गए धान में से अब तक 60.84 लाख टन धान का उठाव हो चुका है और कस्टम मिलिंग उपरांत 37.41 लाख टन चावल का उपार्जन किया गया है। इस चावल का उपयोग राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्य की दुकानों से वितरण के लिए किया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय पुल में लिए जाने वाले 24 लाख मिट्रिक टन चावल को बढ़ाकर 28.10 लाख टन किया गया है। खाद्य मंत्री श्री भगत इसके लिए विशेष प्रयास करते हैं। किसान को समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान का अंतर की राशि देने के लिए किसान न्याय योजना लागू की गई है । इस योजना द्वारा खेती-किसानी के समय राशि मिलने से किसानों को बड़ी राहत मिली मिली है। इस योजना को मूर्तरूप देने में श्री अमरजीत भगत की भी अहम भूमिका रही है।

श्री भगत ने अपने एक वर्ष के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परपंरा को समृद्ध करने के लिए विशेष प्रयास किया है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति पुरासंपदा विविध प्रकार के जनजातीय नृत्य-संगीत, पर्व-त्यौहार, भाषा-बोली और मेला उत्सवों के लिए देशभर में प्रसिद्ध है. छत्तीसगढ़ के स्थानीय कलाकारों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य स्तरीय आयोजनों जैसे चक्रधर उत्सव रायगढ़, राज्योत्सव तथा विभिन्न जिलों के आयोजनों में स्थानीय कलाकारों को विशेष मंच प्रदान किया गया है। राज्य में संग्रहालयों के माध्यम से इतिहास और पूरातत्व के माध्यम से जनअभिरूचि विकसित किया गया है। पुरखौती मुक्तांगन संग्रहालय उपरवारा पर्यटन महत्व का दर्शनीय स्थल है। यहां सरगुजा के जनजातीय आवास गृह, ऐतिहासिक काल के भग्नावशेष,  रियासत कालीन स्थापत्य परंपरा का जीवंत चित्रण किया गया है। छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही है। इस आयोजन में देश के 24 राज्यों और केन्द्र शासित राज्य एवं बेलारूस, थाईलैंड, युगांडा, मालदीव, श्रीलंका, बंग्लादेश के 2300 कलाकारों ने भाग लिया। छत्तीसगढ़ की पारंपरीक व्यंजनों को सस्ते दर पर आम लोगों को उपलब्ध कराने के लिए राज्य के 28 जिलों में गढ़कलेवा शुरू करने का निर्णय लिया गया है। छत्तीसगढ़ी संस्कृति और कला को बढ़ावा देने के लिए नवा रायपुर अटल नगर स्थित मुक्तांगन परिसर के समीप 300 एकड़ क्षेत्र में फिल्म सिटी विकसित किया जा रहा है।