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कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने भरी हुंकार क्या भूपेश सरकार पूरी करेंगे उनकी मांग

कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने भरी हुंकार क्या भूपेश सरकार पूरी करेंगे उनकी मांग

रिपोर्टर के एस ठाकुर

छ.ग.कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन राजनांदगॉव ने किया एक दिवसीय प्रान्तव्यापी धरना एवं हड़ताल प्रदर्शन

अपनी 14 सूत्रीय लंबित मांगों के समर्थन में उमड़ा शासकीय सेवकों का जनसैलाब

ब्लाक एवं जिला मुख्यालय में शासकीय सेवकों ने सौंपा सीएम के नाम ज्ञापन

फेडरेशन के आव्हान पर आज कलम बंद-काम बंद, शासकीय कार्यालयों में कामकाज हुआ ठप्प

 राजनांदगॉव . आज छ.ग. कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन राजनांदगॉव जिला ईकाई के द्वारा जिला संयोजक डॉ. के.एल.टाण्डेकर एवं महासचिव सतीश ब्यौहरे के नेतृत्व में एवं अपने प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा एवं सचिव राजेश चटर्जी के आव्हान पर, राजनांदगॉव जिले में शासकीय सेवकगण अपनी 14 सूत्रीय लंबित मांगो के समर्थन में एक दिवसीय प्रान्तव्यापी धरना एवं हड़ताल प्रदर्शन के माध्यम से आंदोलनरत् हुए।

‘कलम बंद-काम बंद‘ के नारे के साथ अपनी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर यह आंदोलन आज 03 सितंबर की प्रातः लगभग 11ः00 बजे से दोपहर 3 बजे तक धरनास्थल कलेक्ट्रेट एटीएम के सामने फ्लाई ओव्हर के नीचे संपन्न हुआ जिसमें विभिन्न विभागों के शासकीय सेवकगण एकत्रित होकर अपनी लंबित मांगों के लिये जोरशोर से नारेबाजी करते, एवं शासन से 16 प्रतिशत बकाया डी.ए. सहित अन्य मांगो पर अपना वादा निभाने की मांग करते हुए धरना प्रदर्शन करते दिखाई दिये। इसके बाद दोपहर 3 बजे के लगभग विभिन्न संगठनों/संघों से संबद्ध शासकीय कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने सैकड़ो की संख्या में नारेबाजी करते हुए जनसैलाब के रूप में कलेक्ट्रेट भवन तक पहुॅचकर अपनी 14 सूत्रीय लंबित मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री के नाम राजनांदगॉव जिले के कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इस विशाल धरना प्रदर्शन एवं आंदोलन के विषय में फेडरेशन के जिला संयोजक डॉ. के.एल.टाण्डेकर एवं महासचिव सतीश ब्यौहरे ने बताया कि पूर्व में फेडरेशन के कलम रख मशाल उठा चरणबद्ध आंदोलन में राज्य शासन को समय-समय पर 14 सूत्रीय मांगपत्र देकर निराकरण हेतु अनुरोध किया जाता रहा है और फेडरेशन मांगपत्र में शामिल कुछ मांग जन-घोषणा पत्र में भी पूर्व से ही उल्लेखित है । किन्तु राज्य शासन द्वारा शासकीय सेवकों के हित में समाधानकारक निर्णय नहीं लेने के कारण कर्मचारी अधिकारी/पेंशनर्स आक्रोशित हैं।

उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के सैंकड़ो कर्मचारीगण अधिकारीगण सामूहिक रूप से अवकाश लेकर आज 3 सितंबर 2021 को जिले के सभी विकासखंड मुख्यालयों सहित राजनांदगॉव जिला कार्यालय के सामने जी.ई.रोड पर एक दिवसीय प्रान्तव्यापी कलम बंद - काम बंद हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन करके शासन तक अपनी बात पहुॅचाने का प्रयास किया है और इसमे काफी हद तक सफल भी रहे है, जिसके चलते आज ब्लाक एवं जिला स्तर के कई शासकीय कार्यालयों एवं विभागों में दिनभर कामकाज ठप्प रहा है।

शासकीय सेवकों की 14 सूत्रीय मांगों को पूरा करने एवं केन्द्रीय कर्मचारियों की तरह 28 प्रतिशत डी.ए. की मांग सहित, विभिन्न विषयों पर कलेक्टर के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया है । आंदोलन के विषय में जिला संयोजक डॉ. के.एल.टाण्डेकर एवं महासचिव सतीश ब्यौहरे ने यह भी बताया कि राज्य के कर्मचारी-अधिकारी, शासन के उपेक्षापूर्ण रवैये से क्षुब्ध एवं व्यथित होकर इसके विरोध में आज 03 सितंबर को प्रदेश के सभी जिला एवं ब्लाक मुख्यालयों में एक दिवसीय धरना एवं आंदोलन कर रहे हैं और इस आंदोलन को राज्य सेवा के विभिन्न 57 से अधिक कर्मचारी एवं अधिकारी संगठनों का समर्थन प्राप्त है जो राज्य शासन से अपनी मांगो को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन के लिये कमर कस चुके हैं।

राजनांदगॉव जिला ईकाई के इस आंदोलन में मुख्य रूप से विभिन्न संगठनों एवं संघों के अध्यक्षगण पदाधिकारीगण सदस्यगण सैकड़ों की तादाद में उपस्थित रहे जिनमें में मुख्य रूप से छ.ग.शिक्षक संघ, प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ, छ.ग.अजाक्स संघ, छ.ग.अपाक्स संघ, छ.ग.लघुवेतन चतुर्थ वर्ग कर्मचारी संघ, छ.ग. वाहनचालक कर्मचारी संघ, छ.ग. स्वास्थ्य एवं बहुउद्देशीय कर्मचारी संघ, छ.ग. अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक संघ, छ.ग.राजस्व पटवारी संघ, छ.ग.अनियमित कर्मचारी संघ, छ.ग.ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संघ, छ.ग. प्रदेश शिक्षक फेडरेशन, छ.ग. राज्य पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ संघ, कर्मचारी कल्याण संघ (केन्द्रीय परिषद्), छ.ग.प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ, छ.ग. कर्मचारी कांग्रेस, छ.ग.वन कर्मचारी संघ, छ.ग.लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ, छ.ग.डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोशियेशन, छ.ग.प्रदेश शिक्षक संघ, छ.ग.सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी संघ, छ.ग.राजस्व निरीक्षक संघ, के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। इसके अलावा अन्य कई संघों व संगठनों का नैतिक समर्थन भी फेडरेशन के इस आंदोलन को प्राप्त हुआ है जिसमें छ.ग. सहायक शिक्षक फेडरेशन, छ.ग.राज्य चिकित्सा अधिकारी संघ, छ.ग.कोषालयीन कर्मचारी/अधिकारी महासंघ, छ.ग.प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ, छ.ग.राज्य नगरीय प्रशासनिक सेवा संघ, छ.ग.शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ, छ.ग.वरिष्ठ व्याख्याता संघ, छ.ग.स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ, प्रदेश पंचायत सचिव संघ छत्तीसगढ़, छ.ग.अंशदायी पेंशन कर्मचारी कल्याण संघ, छ.ग.भू सिंचन राजस्व कर्मचारी अमीन संघ, छ.ग.राजपत्रित वन अधिकारी महासंघ प्रमुख हैं। फेडरेशन के पदाधिकारियों में मुख्य रूप से संरक्षक एस.के.ओझा, जिला संयोजक डॉ.के.एल. टाण्डेकर, जिला महासचिव सतीश ब्यौहरे, कोषाध्यक्ष बी.एस.मण्डावी, पदाधिकारीगण, रफीक खान, मुकुल साव, रामनारायण बघेल, सी.एल.चंद्रवंशी, रविकान्त यादव, संतोष चौहान, डॉ.बी.पी.चन्द्राकर, भीषम ठाकुर, पूरनलाल साहू, अरूण देवांगन, संजय तिवारी, कौशलेन्द्र शर्मा, विनोद मिश्रा, पी.आर.झाड़े, लेखराम मात्रा, राघवेन्द्र सिंह, अजीत दुबे, उत्तम फंदियाल, पी.एल.साहू, शिव देवांगन, महेश साहू, गीता जुरेशिया, बृजभान सिन्हा, हरीश भाटिया, जगदीश्वर ठाकुर, संजय सिंह, सुदेश यादव, एन.एल.देवांगन, उपेन्द्र रामटेके, हरीशचंद यादव, अब्दुल करीम खान, विनोद यादव, कमल पूजन, सोहन निषाद, गीता जुरेशिया, डी.डी.कोमरे, फहीम कुरैशी, असलम अंसारी, यशवंत सिन्हा, बी.एस.चौहान, मेराज मोहम्मद, मनोज कुमार बोपचे, शेख आबिद कुरैशी सहित मीडिया प्रभारी दुर्गेश त्रिवेदी प्रमुख रहे। फेडरेशन के जिला संयोजक डॉ. के.एल.टाण्डेकर एवं महासचिव सतीश ब्यौहरे ने बताया कि यदि शासन छ.ग.कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की लंबित मांगों पर शीघ्र कोई समाधानकारक ठोस निर्णय नहीं लेती है तो इस आंदोलन के अगले चरण के रूप में वृहद स्तर पर प्रान्तव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन के रूप में परिणीत होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी राज्य शासन की होगी।