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जरूरतमंद लोगों को भोजन पहुँचाने के लिए बनाई गई हेल्पलाइन से लोगों को मिल रही मदद

जरूरतमंद लोगों को भोजन पहुँचाने के लिए बनाई गई हेल्पलाइन से लोगों को मिल रही मदद

 दुर्ग । सुशीला की उम्र 90 साल हैं, इनकी बहु भी 60 साल की हैं। दुर्ग शहर में रहते हैं दोनों कोविड पाजिटिव हैं। बीमारी इतनी है कि उठ नहीं पा रहे। इन्होंने जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए बनाये गए हेल्पलाइन नंबर में फोन लगाया। नोडल अधिकारी ने उन्हें आश्वस्त किया कि दो लोगों का भोजन नियत समय पर मिल जाएगा।

आशीष नगर में रहने वाले एक परिवार ने बताया कि वे लाकडाउन में धमतरी में फंस गए हैं। परिवार में बच्चे अकेले हैं इन्हें भोजन चाहिए। हेल्पलाइन नंबर में फोन आने के बाद टीम ने तत्परता से काम किया और इन लोगों तक भोजन पहुंचाया। जिले में संकट में फंसे लोगों के लिए यह हेल्पलाइन काफी कारगर साबित हो रही है। विभिन्न निगमों में इसके लिए अधिकारियों की टीम गठित की गई है। यह टीम नोडल अधिकारी द्वारा मिली जानकारी के आधार पर खाना पहुंचाने जाती है। कोविड की वजह से कई परिवारों में सभी सदस्य होम आइसोलेशन में हैं। इनमें से कुछ लोग काफी कमजोरी आ जाने की वजह से खाना भी नहीं बना पा रहे।

ऐसे जरूरतमंद परिवारों के लिए मददगार साबित हो रही है। भिलाई में निगम द्वारा एवं अग्रसेन समाज के प्रतिनिधियों द्वारा निगम के माध्यम से फूड पैकेट्स बंटवाये गए। इसमें रेलवे स्टेशन आदि महत्वपूर्ण स्थलों में एवं अन्य जगहों पर जरूरतमंद लोगों को भोजन की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई। इसके साथ ही केले आदि भी वितरित किये गए। देवार बस्ती तथा इसी  तरह के अन्य स्थलों में भी भोजन वितरित किया गया। जिले के प्रमुख नगरीय निकायों के साथ ही नगर पालिकाओं में भी जरूरतमंदों को भोजन वितरित किया जा रहा है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला पंचायत के एडीशनल सीईओ केके तिवारी ने बताया कि हेल्पलाइन नंबर विभिन्न माध्यमों से प्रचारित प्रसारित किये गए हैं। जैसे ही किसी जरूरतमंद से जानकारी आती है उसे इसके लिए बनाये गये व्हाटसएप ग्रुप में साझा कर दिया जाता है। साझा करने के बाद नगरीय निकाय के अधिकारी इसे फालो करते हैं और संबंधित व्यक्ति तक सहायता पहुंचाये जाने की जानकारी ग्रुप में साझा करते हैं। सभी जगहों पर जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाया जा रहा है। 

तिवारी ने बताया कि इस हेल्पलाइन से लोगों को काफी सहयोग मिला है। भोजन में गुणवत्ता का भी पूरा ध्यान रखा गया है। जिन परिवारों में बुजुर्ग हैं और पाजिटिव हैं, उनके लिए यह सहायता काफी अहम साबित हुई है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने इस बारे में निर्देश दिये थे कि लाकडाउन में जरूरतमंद लोगों की हर संभव सहायता की जाए तथा इसके लिए हेल्पलाइन नंबर जारी करने के निर्देश भी दिये थे।