दीये से जगमगा उठा प्रदेश, कोरोना के खिलाफ दिखाई एकजुटता, वक्‍त से पहले मनायी गयी दीपावली, अज्ञानी लोगों ने पटाखे भी फोड़े

दीये से जगमगा उठा प्रदेश, कोरोना के खिलाफ दिखाई एकजुटता, वक्‍त से पहले मनायी गयी दीपावली, अज्ञानी लोगों ने पटाखे भी फोड़े

देश-दुनिया इस समय एक ही समस्‍या कोरोना वायरस से जुझ रहा है. इस महामारी ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है. भारत में भी कोरोना तेजी से अपना पांव पसार रहा है. लगभग देश के सभी राज्‍यों में कोरोना का संक्रमण फैल चुका है. वैसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 दिनों तक के लिए लॉकडाउन कर दिया है. इस दौरान पीएम मोदी ने कोरोना के खिलाफ जंग के लिए सभी देशवासियों को एकजुटता दिखने के लिए अपने-अपने घरों के बाहर दीये जलाने की अपील की थी. जिसका मकसद कोरोना महामारी के खिलाफ एकजुटता प्रदर्शित करना था.

उसी के अनुसार संपूर्ण छत्तीसगढ खासकर राजधानी रायपुर में आज लोग रात्रि 9 बजे दीप, थाल, प्रकाश, टॉर्च इत्यादि लेकर तैयार हो गए थे. नौ बजते ही आमजनों ने अपने घर की लाइटिंग बंद कर दी और दीए में तेल बाती डालकर उसे वैसे ही जलाया जैसे दीपावली पर एक लाईन में जलाते हैं. देख सकते हैं तस्वीरें. हालांकि कुछ लोगों ने कोरोना के खिलाफ नारे लगाए और पटाखे भी फोड़े जिसकी खासी आलोचना हो रही है.

इस आहवान का जहां भाजपा ने स्वागत किया था, वही कांग्रेस ने बहिष्कार ​किया था. कांग्रेस का तर्क है कि जब कोरोना से इतनी मौतें हुई हैं तब दीप जलाना उनका अपमान करने जैसा होगा. लेकिन भाजपा नेता सांसद रामविचार नेताम, शिवरतन शर्मा, विधायक बृजमोहन अग्रवाल, डॉ. रमनसिंह, संगठनमंत्री पवन साय, भाजपा नेता लोकेश कावड़िया इत्यादि नेताओं ने जनता से दीपदान करने की अपील की थी. इन नेताओं ने भी अपने निवास पर दीए जलाकर कोरोना को परास्त करने की एकजुटता का संदेश दिया.

पिछली बार भी जब तालियां और शंख बजाए गए थे तो कुछ उत्साही लोग सड़कों पर आकर प्रदर्शन किए थे जिसकी खूब ​आलोचना हुई थी. और आज कुछ लोगों ने पटाखा छोड़ने की मूर्खता दिखाई. एक बात और दिखी कि परिवार के लोग डिस्टेंसिंग मैंटेन नही कर रहे थे.
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