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मगरलोड : ब्लॉक के कई गांवों सहित कपालफोड़ी में उड़ रही धारा 144 की धज्जियां

मगरलोड :  ब्लॉक के कई गांवों सहित कपालफोड़ी में  उड़ रही धारा 144 की धज्जियां


मगरलोड । भारत सरकार द्वारा महामारी कोरोना वायरस से लड़ने के लिए हर सम्भव प्रयास कर रही है। लोगो को पर कोरोना वायरस से बचाने के लिए पूरा देश के सभी सर्वाधिक जगहों जैसे स्कूल,कालेज,बस सेवाएं को बंद किया गया है। केवल राशन दुकान, मेडिकल स्टोर जैसे महत्वपूर्ण जगहों को चालू रखा है । जनता कंफ्यू के समर्थन में भीड़ जमा ना हो इसके लिए धारा 144 लागू कर दिया गया है। प्रशासन एक तरफ देश के सभी शहरों ,नगरों एंव गाँवो के दुकानों को 31मार्च तक बंद कराया गया है और लगभग सभी शासकीय कार्यालय को भी बंद कराया गया है। आम लोगो को अपने घर के चार दीवारों के अंदर रहने को मजबूर कर सकती है, घर से निकलने को मना कर सकती है, तो वही दूसरी तरफ प्रशासन मनरेगा का कार्य चला रहा है,ये बात लोगो के जहन में बड़ा सवाल बना हुआ है। जिससे लोगो पर संक्रमित होने की पूरा सम्भावना बना रहता है। ज्ञात हो की भूपेश सरकार के महत्वाकांक्षी योजना नरवा,गरवा, घुरवा ,बॉडी योजना के तहत बनाया गया विकास खण्ड मगरलोड के अंतर्गत आने वाले ग्राम कपालफोड़ी में मनरेगा काम कार्यरत है।जंहा एक ही गिलास से कई मजदूर पानी पी रहे है।तो दूसरी तरफ एक ही स्थान पर 50 से भी ज्यादा  मजदूर काम करता हुआ दिखाई दिया जबकी प्रशासन के नियमानुसार एक स्थान पर 15 से20 लोग जमा नही हो सकते है।इसी तरह की मामला ब्लॉक के कई गांवों  जैसे कपालफोड़ी,आरौद ,शुक्लाभाठा सहित दर्जनों गावो  से निकल आ रही है।इस विषय पर जनपद पंचायत मगरलोड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मंडावी से फोन से सम्पर्क कर पक्ष लिया गया तो मंडावी का कहना है।की अभी तक तो मनरेगा के कार्य को बंद करने का कोई आदेश नही आया है ,जैसे ही विभाग के उच्च अधिकारियों के द्वारा कोई आदेश आता है। तो तुरंत ब्लॉक के सभी पंचायतों तक आदेश को किसी भी माध्यम से पहुचाने का प्रयास करने की बात कही और इसी विषय मे जब मगरलोड के तहसीलदार से मोबाईल से सम्पर्क कर पक्ष जानने की कोशिश किया गया तो तहसीलदार का कहना है की कलेक्टर महोदय के निर्देशन में मनरेगा में काम तो चल सकती है लेकिन मजदूरों को एक मीटर की दूरी में रहकर काम कर सकने की बात कही है।लेकिन जमीनी स्तर पर देखा जाये तो मजदूरो के द्वारा  मनरेगा कार्यो के तहत प्रशासन की नियमो की धज्जियां उड़ाते हुए दिखाई दिया। इसका मुख्य वजह है ग्राम पंचायतों के मुख्या सरपंच, पंच एंव सभी मेट गणों के द्वारा प्रशासन के नियमो का पालन कठोरता से नही करना। फिर हाल धारा 144 की पालन करते हुए कोई मजदूर नही दिखा फिर हाल ये बड़ा सवाल बना हुआ है।प्रशासन व्यपारियों के लगभग सभी दुकानों को बंद करा सकती है,शराब भठ्ठी को जब बंद करा सकती है,लोगो को अपने घरों के चार दीवारों में रहने को मजबूर कर सकती है।तो प्रशासन मनरेगा कार्यो को आखिर 31मार्च तक क्यो नही बंद कर सकती है ये सवाल अपने आप मे बड़ी विषय बना हुआ है।जब किसी बाहर जगहों पर संक्रमण बीमारी हो सकती है तो मनरेगा कार्यो के तहत चल रहे सैकड़ो मजदूरों के बीच संक्रमण क्यो नही हो सकता है।जनता कर्फ्यू की समर्थ करते हुए मनरेगा के कार्यो को भी कुछ दिनों तक बंद रखने की जरूत है।जिससे हमारा देश कोरोना वायरस जैसे बीमारी से लड़ सके।

आज की जनधारा 

चंद्र शेखर अग्रवाल