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उसूर ब्लाक के ऐसा गांव कभी मोटर साईकिल नही जा पाती थी आज एम्बुलेंस पहुंच रही हैं

उसूर ब्लाक के ऐसा गांव कभी मोटर साईकिल नही जा पाती थी आज एम्बुलेंस पहुंच रही हैं

सड़क के लिए लोग ऐसे तरस रहे थे जरूरत पड़ा तो अपने पट्टे की जमीन खुशी-खुशी दे दिये  
बीजापुर - आवापल्ली से मुरदुंडा मार्ग पर मुरदुंडा के आश्रित बायगुड़ा पुसकुंटा, रायगुड़ा सहित छिलकापल्ली, पोलमपल्ली के लोग सड़क के लिए तरसते थे। जिला निर्माण समिति द्वारा 3.5 किलोमीटर का मुरूम सड़क निर्माण मुरदुंडा से रायगुड़ा तक कराया गया। जिसमें मुरदुंडा स्थित कैम्प के जवानों ने सड़क निर्माण में सक्रिय भूमिका निभायी, जिससे इन गांवों के 1500 ग्रामीणों को आवागमन सहित शिक्षा, स्वास्थ्य, राशन जैसे मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो रही है। पहले सड़क नहीं होने से विभिन्न समस्याओं से जूझना पड़ता था, ग्रामीणों को सड़क आवश्यकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब सड़क निर्माण कार्य शुरू हुआ तब जोगा मड़कम और तेलम लालू की पट्टे की जमीन सड़क में आ रही थी। तब इन दोनों ग्रामीणों ने हंसी-खुशी अपने जमीन दे दी। सड़क निर्माण में मिट्टी मुरूम की आवश्यकता पड़ने पर कुछ किसानों ने अपने खेत से मिट्टी मुरूम उपलब्ध कराया। जिनमें बुधराम मड़कम भी शामिल था। मुरूम मिट्टी देकर अपना खेत भी सुधरवाया आज सड़क के बन जाने से ग्रामीणों एवं युवाओं में काफी उत्साह देखने को मिला। एक युवा संदीप मड़कम ने सड़क बनने के बाद मोटरसाईकिल खरीदी और किराना का दुकान चला रहा है। संदीप ने बताया कि सड़क नहीं होने से बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब मैं अपने दुकान के लिए किराना सामान आसानी से ले आता हूं मेरा जीविकोपार्जन में सड़क वरदान साबित हुआ है। महीने का 8 से 10 हजार रूपये की आमदनी हो जाती है। ग्रामीण युवकों में उत्साह का वातावरण देखने को मिला। शासन की महत्वाकांक्षी योजानाओं से जुड़कर अपना भविष्य संवार रहे हैं। जो लोग आवागमन की समस्या के कारण कृषि कार्य नहीं करते थे आज वे सभी अपने खेतों को सुधार कर कृषि कार्य में जुट गये है। कुछ समय पहले यहां सड़क नहीं होने से स्वास्थ्य सुविधाओं में इतनी कमी थी कि आपातकालीन व्यवस्था की उपलब्ध नहीं हो पाती थी। एक बुजुर्ग ग्रामीण ने बताया कि पहले गंभीर मरीजों को खाट के सहारे पैदल मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता था फिर वहां से एम्बुलेंस से स्वास्थ्य केन्द्र ले जाकर ईलाज कराया जाता था किंतु अब स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर वृद्धि हुई है। इन सुदूर गांवों में एम्बुलेंस की पहुंच बनी और ग्रामीणों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही है। ग्रामीणों की माने तो जिला प्रशासन से सड़क बनाकर गांव की समस्या का निराकरण किया, वह बहुत ही स्वागत योग्य है। बरसों पुराने सपना को जिला प्रशासन ने साकार किया। आज स्वास्थ्य सेवाओं सहित शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लोगों को मिल रहा है।