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विद्युत विभाग ने 60 लाख टेंडर में ठेकेदारों का हुआ समझौता किसी को एक, किसी को दो काम देकर किया संतुष्ट, अनियमितता का लगता रहा है आरोप

विद्युत विभाग ने 60 लाख टेंडर में ठेकेदारों का हुआ समझौता किसी को एक, किसी को दो काम देकर किया संतुष्ट,  अनियमितता का लगता रहा है आरोप

सुरजपुर, 25 जून। जिले के विद्युत विभाग टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी करने का मामला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। बगैर टेंडर निकाले लाखों कार्य अपने चहेते ठेकेदारों के देना का सील सीला लंबे अरसे से जारी है। एक दफा फिर से विद्युत विभाग द्वारा ऑनलाइन के माध्यम से 60 लाख रुपये की लागत से रिपेयरिंग के कार्य के लिए निविदा निकाला गया था। जो कि 22 जून को भरा जाना था। जिसमे विभाग ने मैनुवल तरीके से प्रक्रिया निविदा फार्म बंद लिफाफा में लेने की प्रक्रिया अपनाई थी। जिसमे अफसर की संरक्षण में ठेकेदारों द्वारा कार्य को बंदर बांट की गई है। 

जानकारी के मुताबिक मंगलवार को जिले के 12 डीसी में में मेंटेनेंस कार्य के लिए 5 लाख के दर से 12 डीसी में निविदा निकाली गई थी। जिसके लिए विभाग के ओर से खाना पूर्ति करने के लिए विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता के दफ्तर के सामने एक बड़ा बक्सा लगाकर सील लॉक रखा गया था। तो वहीँ बाहर में ठेकेदारों द्वारा आपसी गुटबाजी की जा रही थी। जिसमें कुछ दबंग ठेकेदारो ने आपस में समझौता करके सहूलियत देख जगह के डीसी के नाम से निविदा डाली गई। ये सारा खेल विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता एच के मंगेशकर के संरक्षण में हो रहा था। इस दौरान कई ठेकेदारों ने आपत्ति दर्ज करते हुये कार्यपालन अभियंता से मौखिक शिकायक्त भी किन्तु श्री मंगेशकर ने आपस में मामले को रफा दफा करने का दबाव डालने लगे। 

बतादें की विद्युत विभाग के अफसरों पर भाई भतीजा का आरोप आय दिन लगते ही रहा है। टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता नही होने से विभाग के चहेते ठेकेदारों को कार्य दिया जा रहा है। इस ओर विभाग के बड़े अफसरों को ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया अपनाना चाहिए। 

इस सम्बंध में कार्य पालन अभियंता एच के मंगेशकर ने कहा कि प्रकिया के अनुसार हुई है।