breaking news New

चिप्स का दावा, 'टाटा कंपनी पर 200 करोड़ का जुर्माना नही लगा, अभी प्रक्रिया जारी है.. कंपनी को सिर्फ चेतावनी दी गई थी ताकि काम पूरा कर सके'

चिप्स का दावा, 'टाटा कंपनी पर 200 करोड़ का जुर्माना नही लगा, अभी प्रक्रिया जारी है.. कंपनी को सिर्फ चेतावनी दी गई थी ताकि काम पूरा कर सके'

जनधारा समाचार
रायपुर. राज्य की आईटी केंद्रित कंपनी ने देश और प्रदेश के समाचार-पत्रों और कुछ वेबपोर्टलों में (आज की जनधारा में नहीं) प्रकाशित उन खबरों को निराधार, भ्रामक तथा तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है जिसमें 'सरकार द्वारा टाटा कंपनी को 200 करोड़ रूपये का जुर्माना' लगाने का दावा किया गया था. चिप्स कंपनी ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है और भारत नेट परियोजना का दूसरा चरण अभी चालू है.


चिप्स ने अपने खण्डन में कहा कि कंपनी के सीईओ समीर विश्नोई की ओर से जुर्माना लगाने संबंधी कोई आदेश जारी नही किया गया है. सच्चाई यह है कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा टाटा कंपनी को जुर्माना लगाने की चेतावनी जरूरी दी गई थी क्योंकि वह काम समय पर पूरा नही कर रही थी. यह चेतावनी थर्ड पार्टी के तौर पर मौजूद इंजीनियर्स की रिपोर्ट पर दी गई थी. जुर्माना की चेतावनी देने की प्रक्रिया को ही कुछ खबरों में जुर्माना लगाना बताया गया है, जोकि असत्य और निराधार है.

खण्डन में आगे कहा गया है कि यह समाचार भी गलत है कि राज्य सरकार ने पहले से लगाया गया 23.79 करोड़ रुपये का जुर्माना वापस कर दिया है. जबकि सच्चाई यह है कि जुर्माना लगाने का अंतिम निर्णय अभी तक उचित प्राधिकारी द्वारा नहीं लिया ही नही गया है. हालांकि पूर्व के सीईओ केसी देवसेनापति ने टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड पर जुर्माना लगाने की सिफारिश जरूर की थी लेकिन उसे लागू नही किया गया.

चिप्स ने आगे कहा कि कंपनी के पूर्व के दोनों सीईओ एलेक्स पॉल मेनन और के सी देवसेनापति ने टाटा कंपनी पर जुर्माना लगाने का आदेश दिया था लेकिन वह समय पर लागू नही किया जा सका. उसके बाद सीईओ समीर विश्नोई की नियुक्ति हुई और उन्होंने जुर्माना लगाने की प्रक्रिया की शुरूआत की है. शोकॉज नोटिस विगत 28 अगस्त को जारी किया गया था. चिप्स के पास टाटा कंपनी के 167 करोड़ रुपये की राशि बैंक गारंटी के तौर पर तथा अनुबंध की शर्तों के अनुसार 165 करोड़ रुपये की अतिरिक्त बैंक गारंटी, इस प्रकार कुल 332 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी सुरक्षित रखी हुई है जिसे किसी भी समय रद्द किया जा सकता है.

चिप्स ने कहा कि हम ठेकेदारों का 10 प्रतिशत भुगतान हमेशा रोककर रखते हैं तथा वह परियोजना के समापन के बाद एनओसी मिलने के बाद ही रिलीज किया जाता है. खबरों में कहा गया है कि चिप्स ने टाटा प्रोजेक्टस लिमिटेड 28.75 करोड़ रुपये का भुगतान किया, यह राशि कंपनी द्वारा जमा की गई 332 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी से जारी किए गए हैं, थर्ड पार्टी द्वारा की गई अनुशंसा रिपोर्ट के बाद जारी किए गए हैं ताकि कोरोना महामारी से प्रभावित होने के बावजूद कंपनी अपना काम चालू रख सके.

जानते चलें कि भारत नेट परियोजना के तहत टाटा प्रोजेक्टस लिमिटेड, राज्य सरकार और चिप्स कंपनी के साथ मिलकर 1636 करोड़ की परियोजना पर काम कर रहा है. कई जिलों में काम चल रहा है लेकिन कोरोना महामारी के कारण इस योजना में लेटलतीफी हुई जिसके कारण चिप्स ने कंपनी को काम पूरा करने का नोटिस अगस्त माह में दिया था. अनुबंध शर्तों के मुताबिक कंपनी को यह भी याद दिलाया गया कि समय पर काम पूरा ना होने के कारण जुर्माना भी लगाया जा सकता है.