breaking news New

MMI : प्रबंधन के खिलाफ सुरेश गोयल ने दर्ज कराई एफआईआर, जबरिया कब्जा, धोखाधड़ी, अशांति फैलाने का आरोप

MMI : प्रबंधन के खिलाफ सुरेश गोयल ने दर्ज कराई एफआईआर, जबरिया कब्जा, धोखाधड़ी, अशांति फैलाने का आरोप

रायपुर. एमएमआई अस्पताल का विवाद अब और गहरा गया है. पहले हाईकोर्ट और अब रजिस्ट्रार फर्म्स एण्ड सोसायटी से मुंह की खाने के बाद पूर्व चेयरमैन सुरेश गोयल ने एमएमआई प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है. पुलिस ने कानून की धारा 144, 147, 149, 452, 420, 395 और 120 बी के तहत मामला पंजीबद्ध किया है. दूसरी ओर एमएमआई अस्पताल की बागडोर अपने हाथ में लेने में महेन्द्र चंद्र धाड़ीवाल ने कहा कि जो होगा, देखेंगे फिलहाल हम विरोधी गुट का सहयोग चाहते हैं.

एफआईआर दर्ज करवाकर अप्रत्यक्ष रूप से महेन्द्र चंद्र धाड़ीवाल गुट को निशाने पर लिया गया है. रायपुर क्राइम ब्रांच ने गुट पर जबरिया ताला तोड़कर कब्जा करने, धोखाधड़ी करने, उपद्रव कर अशांति फैलाने तथा डकैती करने का आरोप लगाया है. एफआईआर की कापी हमारे पास सुरक्षित है जो सुरेश गोयल द्वारा मार्डन मेडिकल इंस्ट्रीटयूट के वर्तमान प्रबंधन के खिलाफ दर्ज कराई गई है. आवेदन में कई आरोप लगाए गए हैं. इसका जवाब देते हुए अस्पताल के नये प्रबंधन के ट्रस्टी महेन्द्र चंद्र धाड़ीवाल ने कहा कि यदि एफआईआर कराई गई है तो इसका उसी के मुताबिक जवाब दिया जायेगा लेकिन हम कोई टकराव नही चाहते. विरोधी गुट का स्वागत है, अस्पताल चलाने में वे भी योगदान दें.

जानते चलें कि एमएमआई प्रबंधन के दो गुटों में सालों से वर्चस्व की लड़ाई जारी है. समय—समय पर और सरकारों के अनुरूप दोनों गुट एक दूसरे को नीचा दिखाते रहते हैं. रमन सरकार में जहां सुरेश गोयल गुट का पलड़ा भारी रहा और वे अस्पताल चलाते रहे, वहीं सरकार बदलने के बाद अब महेंद्र धाड़ीवाल गुट का पलड़ा भारी हो गया है. हालांकि सच्चाई यह है कि एमएमआई का स्टॉफ धाड़ीवाल गुट के साथ रहा. वह उन्हें संस्थापक ट्रस्टी मानता है. जबकि सुरेश गोयल गुट का प्रवेश बाद में हुआ. लम्बे समय तक चली लड़ाई के बाद बिलासपुर हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार फर्म्स एण्ड सोसायटी को मामले के निपटारे के लिए अधिकृत किया था. उसके बाद सोसायटी ने धाड़ीवाल गुट के 11 सदस्यों को योग्य ठहराते हुए गोयल गुट के 61 सदस्यों को अयोग्य ठहरा दिया था. साथ ही 21 दिन के भीतर चुनाव कराने के निर्देश दिए थे.

आदेश की कापी मिलते ही महेंद्र धाड़ीवाल गुट ने विधिवत चुनाव संपन्न कराए और एमएमआई प्रबंधन की बागडोर थाम ली. गुजरे दिनों ही महेंद्र धाड़ीवाल और लूनकरण जैन ने पदभार ग्रहण कर लिया जिसकी तस्वीर आप देख सकते हैं. एमएमआई के स्टाफ और नर्सिंग कॉलेज स्टॉफ ने उनका स्वागत किया. श्री धाड़ीवाल ने कहा कि स्टाफ को कोई असुविधा हो तो वह प्रबंधन को बता सकता है ताकि उसका निराकरण हो सके.

कांग्रेस नेता अरूण भद्रा ने निभाई मुख्य भूमिका

सूत्रों के मुताबिक ट्रस्ट्री सुरेश गोयल और टीम के कामकाज को सरकार नापसंद कर रही थी. चूंकि मामला कोर्ट में था इसलिए सीधे हस्तक्षेप करने से बच रही थी लेकिन जैसे ही मामला रजिस्ट्रार फर्म्स एण्ड सोसायटी के पास आया, सुरेश गोयल के खिलाफ फैसला दे दिया गया. इसमें वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरूण भद्रा की विशेष भूमिका रही. धाड़ीवाल गुट के पदभार ग्रहण के दौरान भी भद्रा को उपस्थित पाया गया. इस गुट को कांग्रेस समर्थक माना जाता है. कयास लगाये जा रहे हैं कि अब वर्तमान सरकार के रहते एमएमआई में धाड़ीवाल गुट की ही 'सरकार' काबिज रहेगी.