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तुलसी विवाह : मंडप सजाने के लिए राजधानी के हर चौक -चौराहों पर सुबह से ही खूब बिका गन्ना

तुलसी विवाह : मंडप सजाने के लिए राजधानी के हर चौक -चौराहों पर  सुबह से ही खूब बिका गन्ना

रायपुर।  हिन्दी पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवउठनी एकादशी होती है। आज 25 नवंबर को देवउठनी एकादशी व्रत रखा जाएगा इस दिन से भगवान विष्णु योग निद्रा से बाहर आते हैं और सृष्टि के पालनहार का दायित्व संभालते हैं। इस दिन भगवान विष्णु का शयनकाल समाप्त होता है। इस दिन व्रत का विशेष महत्व है।
 तुलसी पौधे के चारों ओर मंडप सजाने के लिए सुबह से गन्नों की खूब बिक्री हो रही है। हर चौक, चौराहों, मोहल्लों में सड़क पर गन्ना बेचने वालों के चेहरों पर मुस्कान दिखाई दे रही है। गन्ना खरीदने लोगों की भीड़ उमड़ रही है। गन्ना बेचने वालों ने बताया कि राजधानी के हर मोहल्ले में 15 से 20 जगह पर गन्ना दुकानें सजी हैं। संपूर्ण राजधानी में एक हजार से अधिक दुकानें लगी हैं। चूंकि हर घर में गन्ना खरीदा जाता है, इसलिए अनुमान है कि कुछ ही घंटों में 30 से 40 लाख रुपये के गन्ने बिक जाएंगे।

नवागढ़ बेमेतरा से गन्ना बेचने आए युवा हरीश निषाद ने बताया कि वे पिछले पांच सालों से गन्ना बेच रहे हैं, उनके साथ दो तीन युवा भी आते हैं। हर साल तुलसी पूजा के दौरान एक ही दिन में 30 हजार का कारोबार कर लेते हैं। उनकी तरह 200 से अधिक व्यापारी गावों से गन्ना खरीदकर लाते हैं। इसके बाद स्थानीय युवा कई जगह पर दुकान सजा आसानी से गन्ना बेच देते हैं।

आज के दिन हजारों महिला-पुरुष गन्ना खरीदने बाजार में उमड़ते हैं। प्रायः सभी दुकानदार चार पांच हजार रुपये की बिक्री कर लेते हैं। एक हजार दुकानदार के हिसाब से 40-50 लाख का व्यापार हो जाता है। यही कारण है कि गांव गांव से लोग गन्ना बेचने रायपुर आते हैं। बेमेतरा, मंदिर हसौद, भाठागांव, पाटन, अमलेश्वर, माना आदि गांवों से गन्ना बेचने लोग आए हैं।

बाजार में कई जगह पर गेंदा फूल और तुलसी पूजा में इस्तेमाल होने वाले विविध तरह के फल जैसे सीताफल, आंवला, शकरकंद, बेर, सिंघाड़ा, भाजी एवं रोली, चंदन, कुमकुम, नारियल समेत अन्य पूजन सामग्री खूब बिक रही है। शास्त्री बाजार, गोलबाजार, आमापारा, पुरानी बस्ती, गुढ़ियारी, फाफाडीह टिकरापारा समेत अनेक इलाकों में पूजन सामग्री खरीदने भीड़ लग रही है।