पूर्णबंदी से संबंधित दिशा निर्देशों में जनजातीय समुदाय को कुछ छूट, 20 अप्रैल के बाद जरूरी गतिविधियों में सशर्त रियायत दी जायेगी

पूर्णबंदी से संबंधित दिशा निर्देशों में जनजातीय समुदाय को कुछ छूट, 20 अप्रैल के बाद जरूरी गतिविधियों में सशर्त रियायत दी जायेगी

नयी दिल्ली ,17 अप्रैल |  गृह मंत्रालय ने कोरोना महामारी के कारण देश भर में लागू पूर्णबंदी के तहत जारी दिशा निर्देशों में रियायत देते हुए जनजातीय समुदाय को वन क्षेत्रों में टिम्बर को छोड़कर कुछ अन्य वन उत्पादों की कटाई और संग्रहण की अनुमति दी है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना महामारी के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान को और मजबूती देने के लिए मंगलवार को पूर्णबंदी की अवधि तीन मई तक बढाने का ऐलान किया था। इसके एक दिन बाद गृह मंत्रालय ने पूर्णबंदी से संबंधित दिशा निर्देश जारी किये थे। इन दिशा निर्देशों में यह भी कहा गया है कि लोगों की दिक्कतों को देखते हुए 20 अप्रैल के बाद जरूरी गतिविधियों में सशर्त रियायत दी जायेगी।

गृह मंत्रालय ने आज जारी एक आदेश में कहा है कि जनजातीय समुदाय और अन्य वनवासियों को टिम्बर को छोड़कर कुछ अन्य वन उत्पादों की कटाई और संग्रहण तथा माइनर फोरेस्ट प्रडूयूस के प्रसंस्करण की छूट दी जायेगी। इसके अलावा बांस, नारियल, कोकोआ, मसालों की फसल के साथ साथ उसकी कटाई , प्रसंस्करण, पैकिंग , बिक्री और विपणन की भी अनुमति दी गयी है।आवास वित्त कंपनी सहित गैर बैंकिंग वित्त संस्थान और माइक्रो फाइनेंस कंपनी , सहकारी क्रेडिट सोसायटी के साथ ग्रामीण क्षेत्रोंं में जल आपूर्ति , स्वच्छता, बिजली पारेषण लाइनों , आप्टिकल फाइबल और केबल संबंधी गतिविधियों की भी अनुमति दी गयी है।