गंदगी मुक्त भारत अभियान: छत्तीसगढ़ राज्य को देश भर में मिला दूसरा स्थान

गंदगी मुक्त भारत अभियान: छत्तीसगढ़ राज्य को देश भर में मिला दूसरा स्थान

 रायपुर, 29 सितम्बर। छत्तीसगढ़ में मुख्य मंत्री भूपेश बघेल की अगुआई में प्रदेश में स्वच्छता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर कई कीर्तिमान स्थापित किए जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेस 2 के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा 8 अगस्त से 15 अगस्त 2020 तक चलाए गए गंदगी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य ने 62 गांव ओ.डी.एफ. प्लस घोषित किए हैं। यह प्रदेश के लिए गौरव का विषय है कि सर्वाधिक ओ.डी.एफ प्लस गांव घोषित करने की केटेगरी में छत्तीसगढ़ राज्य को देश भर में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 151वी जयंती पर आयोजित होने वाले स्वच्छ भारत दिवस पर छत्तीसगढ़ राज्य को गंदगी मुक्त भारत अभियान के लिए देश भर में द्वितीय स्थान के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। यह पुरस्कार ऑनलाईन दिया जाएगा। 

 प्रदेश के ग्रामीण विकास मंत्री टी एस सिंहदेव ने कहा है कि गंदगी मुक्त भारत अभियान में राज्य में इस वर्ष बेहतर प्रदर्शन किया है, आगे भी स्वच्छता की मुहिम जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के मापदण्डों को पूरा करते हुए 62 गांवो को ओ.डी.एफ. प्लस घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के फेस-1 के क्रियान्वयन में भी छत्तीसगढ़ राज्य अग्रणी रहा है। स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विश्व बैंक द्वारा छत्तीसगढ़ को वर्ष 2018 व 2019 में 174 करोड़ रूपए की राशि परफॉर्मेंस ग्रांट के रूप में प्राप्त हुई थी। इस वर्ष भी विश्व बैंक द्वारा 68 करोड़ रूपए की राशि परफॉर्मेंस ग्रांट के रूप में राज्य को प्राप्त हुई है। 

 श्री सिंहदेव ने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन पर स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की राज्य जिला, ब्लॉक व ग्राम की पूरी टीम एवं सभी ग्रामीणों को बधाई दी है। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के फेस-2 के अंतर्गत ओ.डी.एफ. का स्थायित्व सहित ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर कार्य कर सभी गांवों को स्वच्छ बनाने का प्रयास किया जा रहा है। ओ.डी.एफ, प्लस गांव के लिए 8 मापदण्डों में खुले में शौच मुक्त का स्थायित्व सार्वजनिक शौचालय की उपलब्धता 80 प्रतिशत घरों और सभी स्कूल, आंगनबाड़ी पंचायत भवन में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की समुचित व्यवस्था, कूड़ा करकट एवं पानी का सर्वाजनिक स्थलों पर जमाव न होना, स्वच्छता का व्यापक प्रचार-प्रसार आदि सम्मिलित है।