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युवाओं को सशक्त एवं जागरूक कर राष्ट्रनिर्माण में सहयोगी बनाना- प्रियंका बिस्सा

युवाओं को सशक्त एवं जागरूक कर राष्ट्रनिर्माण में सहयोगी बनाना- प्रियंका बिस्सा


दूरस्थ अंचलों के युवाओं में सिखने की कला

जगदलपुर, 29 जून। राष्ट्रपति सम्मानित प्रियंका बिस्सा ने कहा है कि राष्ट्रनिर्माण में युवाओं की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है जिसके लिए उन्हें सशक्त बनाकर जागरूक करने की आवश्यकता है। कर्मवीर चक्र प्राप्त प्रियंका बिस्सा ने बस्तर जिले के तीन दिवसीय प्रवास के अपने अनुभव मीडिया के साथ साझा किया है।  सर्वप्रथम सुश्री बिस्सा ने उनके बस्तर से संबंधित खबरों को स्थानीय मीडिया में स्थान देने के लिए मीडिया साथियों का तहेदिल से आभार व्यक्त किया।

सुश्री बिस्सा ने  जिला प्रशासन एवं जिला शिक्षा विभाग द्वारा यूवोदय के स्वयं सेवकों के लिए आयोजित व्यक्तित्व विकास ट्रेनिंग कैंप में प्रशिक्षण दिया । बस्तर जिला कलेक्टर  रजत बंसल , जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती प्रधान  व अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।


निगम आयुक्त  प्रेम पटेल, महापौर सफीरा साहू एव युवोदय टीम के साथ सुश्री बिस्सा ने वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान करते हुए कार्यक्रम "आमचो सुगघर गार्डन" में जनजागरण किया।   बस्तर जिले के विभिन्न गांवों में प्रियंका बिस्सा ने दौरा किया और जन समस्याओं को समझते हुए निवारण पर चर्चा की साथ ही टीकाकरण के लिए जनजागरण किया। 

सुश्री प्रियंका बिस्सा द्वारा दिए गए “व्यक्तित्व विकास” प्रशिक्षण में लोहंडीगुडा, तोकापाल , दरभा , बास्तानार ,जगदलपुर , बस्तर एवं बकावंड विकासखंड के दूरस्थ गाँव से बड़ी संख्या में आकर युवोदय के स्वयं सेवकों ने प्रशिक्षण लिया । सुश्री बिस्सा ने कहा कि यह मेरे लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है ।सुश्री बिस्सा ने आगे कहा कि मेरा मानना है कि हर व्यक्ति अनगढ़ पत्थर की तरह है जिसमें सुन्दर मूर्ति छिपी है, जिसे शिल्पी की आँख ही देख पाती है । यह शिल्पी कोई भी हो सकता है हम स्वयं भी । प्रकृति का यह नियम है कि एक मनुष्य की आकृति दूसरे से भिन्न है। आकृति का यह जन्मजात भेद आकृति तक ही सीमित नहीं है; उसके स्वभाव, संस्कार और उसकी प्रवृत्तियों में भी वही असमानता रहती है। इस असमानता में ही सृष्टि का सौन्दर्य है। आवश्यकता है तो केवल इसे सकारात्मक दिशा देते रहने की।

छत्तीसगढ़ की बेटी प्रियंका बिस्सा ने स्थानीय मीडिया के लोगों का धन्यवाद व आभार व्यक्त करते हुए खेद प्रकट कर कहा है कि वह व्यस्ततम कार्यक्रम के कारण मीडिया प्रतिनिधियों से भेंट नहीं कर पाई जिसके लिए वह खुद आत्मग्लानि से भरी है अतिशिघ्र जब वापस बस्तर लौटेंगी तो मीडिया प्रतिनिधियों से वह जरुर भेंट करेंगी।