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सवालों के दायरे में मंडी बोर्ड के देखरेख में बन रही सरकारी भवन की गुणवत्ता

सवालों के दायरे में मंडी बोर्ड के देखरेख में बन रही सरकारी भवन की गुणवत्ता


मंडी बोर्ड के देखरेख में तैयार हो रहा सरकारी भवन की गुणवत्ता सवालों के दायरे में,युवा कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष ने निर्माणाधीन भवन की गुणवत्ता को खड़ा किया सवाल 

देवभोग। मंडी बोर्ड के देखरेख में बन रही सरकारी भवन की गुणवत्ता को लेकर अभी से सवाल उठने लगे हैं। प्लिंथ लेवल से पहले ही गुणवत्ता की पोल खुलने लगी हैं। स्थिति यह हैं कि भवन में ठेकेदार के द्वारा नियम कायदों को भी ताक पर रखकर काम किया जा रहा हैं। वही भवन के गुणवत्ता सम्बंधी दावों की पोल युवा कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष भविष्य प्रधान ने खोल दी।

निर्माणाधीन भवन को देखने पहुँचे भविष्य ने आरोप लगाया कि भवन में प्लिंथ लेवल के काम के पहले ही गुणवत्ता को दरकिनार कर दिया गया हैं। युवा अध्यक्ष के मुताबिक भवन में कुछ कालम में जेकल की समस्या नज़र आ रही हैं।

उन्होंने बताया कि कुछ कालम के जेकल की समस्या को देखकर ही कहा जा सकता हैं कि अधिकारी कितनी गम्भीरता से नीव स्तर से काम को करवा रहे हैं। भविष्य ने यह भी आरोप लगाया कि चिनाई में भी मोटार की गुणवत्ता ना के बराबर हैं। 

 युवा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि ठेकेदार द्वारा ठुकपालिश करते हुए काम को करवाया जा रहा हैं। प्लिंथ फिलिंग में काली मिट्टी का उपयोग-: निर्माणाधीन भवन का काम देखने के बाद युवा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि ठेकेदार ने नियम कायदे को ताक में रखकर प्लिंथ की फिलिंग भी काली मिट्टी से कर दी हैं।

जबकि नियम के मुताबिक उसे मुरम या रेत से प्लिंथ की फिलिंग करनी थी। वहीं काली मिट्टी से फिलिंग करने के बाद मिट्टी में पानी पड़ने के बाद वह कीचड़ के रूप में भी तब्दील होने लगा हैं। मामले में युवा अध्यक्ष भविष्य प्रधान ने भी गुणवत्त्ता को लेकर नाराज़गी व्यक्त की हैं।

उन्होंने कहा कि मंडी बोर्ड के देखरेख में बनाये जा रहे भवन में गुणवत्ता ना के बराबर हैं। भविष्य ने कहा कि प्लिंथ में काली मिट्टी(ब्लैक कॉटन साइल) किस आधार पर डाला गया,यह समझ से परे हैं।  प्रधान ने यह भी आरोप लगाया कि ब्रिक वर्क में सीमेंट मोटार की क्वालिटी भी ठीक नहीं हैं। उन्होंने जल्द ही मामले में मुख्यमंत्री के साथ ही प्रभारी मंत्री से शिकायत कर उच्च स्तरीय जांच करवाने की बात कही हैं। 

गुणवत्ता से समझौता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं-: मामले में मंडी बोर्ड के एसडीओ एस एल साहू ने साफ कर दिया कि वे किसी भी शर्त में गुणवत्ता से बिल्कुल समझौता नहीं करेंगे। एसडीओ ने कहा कि उन्होंने खुद शुक्रवार को मौके पर जाकर निरीक्षण किया था।

निरीक्षण के दौरान उन्हें भी काम सही नहीं लगा। ऐसे में उन्होंने ठेकेदार को निर्देशित किया हैं कि काम की गुणवत्ता को सुधार लिया जाए।  साहू ने साफ कर दिया कि मंडी बोर्ड के देखरेख में बनाए जा रहे भवन पूरी तरह से गुणवत्तापूर्ण तरीके से तैयार होगी।

उन्होंने यह भी कहा कि जहां काम संतोषजनक नहीं होगा,वहां भी कार्रवाई करने से हम पीछे नहीं हटेंगे। वहीं सब इंजीनियर योगेश्वर चंद्राकर ने कहा कि प्लिंथ में डाली गई काली मिट्टी को भी हटाने के लिए कहा गया हैं।