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जल जीवन मिशन के टेंडर मे बंदरबांट, डॉ रमन ने की पीएम मोदी से जाँच की मांग

जल जीवन मिशन के टेंडर मे बंदरबांट, डॉ रमन ने की पीएम मोदी से जाँच की मांग

रायपुर।  भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के टेंडर में छत्तीसगढ़ में की गई गड़बड़ियों की जांच केन्द्रीय एजेन्सी से करवाने की मांग की है।

डा.सिंह ने  प्रधानमंत्री  मोदी को लिखे पत्र में छत्तीसगढ़ में योजना के क्रियान्वयन में केन्द्र सरकार के सीधा हस्तक्षेप करने तथा अग्रिम कार्य बंटवारे की निगरानी भी केन्द्र द्वारा किए जाने की मांग करते हुए कहा है कि राज्य को योजना के तहत लगभग सात हजार करोड़ आवंटित है। इसके कार्य बंटवारे में भारी अनियमितता सामने आई है। केन्द्र के दिशा निर्देशों के विपरीत राज्य को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने नियमों को शिथिल कर बंदरबांट करने के उद्देश्य से टेंडर का बंटवारा कर लिया।

उन्होने पत्र में प्रधानमंत्री को बताया कि विपक्ष द्वारा अनियमितता उजागर करने एवं अखबारों में खबरें आने के बाद राज्य सरकार ने टेंडर भले ही रद्द कर दिया,लेकिन इससे सरकार की मंशा स्पष्ट हो गई कि वह इस योजना को लेकर कितनी गंभीर है। साथ ही योजना को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का रवैया भी बेहद उदासीन एवं लापरवाहीपूर्ण है। उन्होने आरोप लगाया कि इस योजना में राज्य सरकार बाधा डालने का काम कर रही है। जिसका सीधा असर छत्तीसगढ़ की जनता पर पड़ेगा,साथ ही जल जीवन मिशन में राज्य बहुत पीछे हो जायेंगा।

डा.सिंह ने पत्र में  प्रधानमंत्री  मोदी को  बताया है कि राज्य सरकार का केन्द्र की लगभग सभी योजनाओं में लापरवाही एवं उदासीन रवैया है। इस योजना को पूर्व भी प्रधानमंत्री आवास योजना,आयुष्मान भारत योजना,किसान सम्मान निधि योजना समेत केन्द्र की योजनाओं का लाभ प्रदेशवासियों को नही मिल पाए,इसके लिए कांग्रेस सरकार द्वारा तरह तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे है। केन्द्र की योजनाएं लागू नही किए जाने से छत्तीसगढ़ पिछड़ रहा है।