वाहनों की फिटनेस अब मिनटों में, तैयार हो रहा हाईटेक सेंटर

वाहनों की फिटनेस अब मिनटों में,  तैयार हो रहा हाईटेक सेंटर


प्रदेश का पहला 14 करोड़ का हाईटेक फिटनेस सेंटर रावणभाठा में


चंद मिनटों में हो जाएगी पूरी गाड़ी स्कैन, मिनटों में मिलेगा

फिटनेस प्रमाण-पत्र

चमन प्रकाश केयर

रायपुर. कबाड़ हो चुकी गाड़ियां का फिटनेस और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए राजधानी के रावणभाठा में 14 करोड़ पचास लाख की लागत से हाईटेक फिटनेस सेंटर का निर्माण किया जा रहा है. इसके बाद छत्तीसगढ़ में वाहनों के फिटनेस की जाँच हाईटेक तरीके से मिनटों में हो सकेगी.

दूसरी ओर आरटीओ ऑफिस के पीछे रावणभाटा में मशीनों से लैस हाईटेक भवन का निर्माण लगभग 7 एकड़ जमीन में युद्धस्तर पर किया जा रहा हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि वाहनों को फिटनेस सेंटर में लाने से पहले वाहनों का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके बाद परिवहन विभाग के द्वारा टोकन पास जारी किया जायेगा जिसमें समय एवं तारीख का उल्लेख रहेगा। साथ ही एक निर्धारित समय और तारीख पर आने वाली वाहनों की जांच करने के तुरंत बाद कम्प्यूटर के माध्यम से वाहनों का फिटेनस प्रमाण—पत्र जारी किया जाएगा। अभी इसमें काफी समय लगता है नतीजन कंडम गाड़ियां सड़कों पर दौड़ती हैं जो दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं.

तीन फिटनेस में फेल तो कबाड घोषित होगा वाहन

फिटनेस के लिए आये हुए वाहनों का टेस्ट में फेल होने पर दोबारा उन्हें मौका दिया जाएगा। तीसरे फिटनेस टेस्ट में फेल होने पर परिवहन विभाग के द्वारा फिटनेस में फेल वाहनों को कबाड़ घोषित कर दिया जायेगा जिसके बाद कबाड़ घोषित हो चुकी वाहन यदि सड़कों पर दौड़ेगा तो सीधे जप्ती की कार्यवाही की जाएगी।

फिटनेस सेंटर में लगी मशीन के माध्यम से वाहनों का रिकार्ड सुरक्षित रखा जायेगा। इसके लिए परिवहन विभाग के मुख्य सर्वर से जोड़ा जाएगा जिसकी निगरानी सीधे विभाग के आला अधिकारीयों के द्वारा किया जायेगा। इस हाईटेक फिटनेस सेंटर में ऑटोमेटिक मशीन के जरिये वाहन के नंबर समेत प्रमाण पत्र जारी किया जायेगा। इसके साथ ही किसी भी तरह की गड़बड़ी करने और फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

फिटेनस सेंटर में आये हुए वाहनों के लिए सड़क पर 3 लेन का हाईटेक ट्रैक का निर्माण किया जाएगा। इसके चारों तरफ कैमरे और साउंड सिस्टम लगा रहेगा। जैसे ही इसके ऊपर से वाहन गुजरेगा, चारों तरफ लगे कैमरे वाहन की फोटो और वीडियो क्लिपिंग के साथ ही ध्वनि का रिकॉर्ड करेंगे। इससे वाहन की स्थिति का तुरंत पता चल जाएगा। मॉनिटरिंग करने के बाद कंट्रोल रूम में लगे ऑटोमेटिक मशीनों से वाहन के फिटनेस और प्रदूषण का पैमाना जांचने के बाद प्रमाण पत्र मिल जायेगा।

उल्लेखनीय के अब तक बिना निरीक्षण के विभागीय कर्मचारी फिटनेस प्रमाण पत्र जारी कर रहे थे। डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर अंशुमान सिसोदिया ने बताया कि प्रदेश का पहला हाईटेक फिटनेस सेंटर का निर्माण युद्धस्तर पर जारी हैं। और बहुत जल्द इसका निर्माण कार्य पूर्ण हो जायेगा। इसके बाद प्रदेश के लोगो को काफी सुविधा मिलेगी.