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आजादी का अमृत महोत्सव में मनरेगा श्रमिकों ने ली जल संरक्षण की शपथ

 आजादी का अमृत महोत्सव में मनरेगा श्रमिकों ने ली जल संरक्षण की शपथ

जिले में 01 लाख 12 हजार 20 श्रमिक नियोजित
धमतरी । देश में बढ़ती आबादी के सामने सबसे बड़े संकट के रूप में जल की कमी ही उभर रही है। पर्यावरण के साथ निरंतर हो रहे खिलवाड़ का यह नतीजा है कि आज पूरी जनसंख्या हेतु पर्याप्त स्वच्छ जल के संकट से पूरा विश्व गुजर रहा है। बात है महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत् निर्मित कुंआ, तालाब, डबरी में जल संरक्षण कर उनकी उपयोगिता प्रतिपादित करना। कर्तव्यों के प्रति जागरूक होकर जल संरक्षण की ओर उन्मुख होकर समांतर गति में लाना। आवश्यकता है गांव और शहर में निस्तार सुविधाओं एवं सिंचाई सुविधा को विस्तारित करने हेतु तालाबों का निर्माण कर जल संरक्षण जैसी महत्वपूर्ण कलापों को क्रियान्वित करना है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि-भारत सरकार द्वारा भारत की आजादी की 75 वीं वर्षगांठ को आजादी का अमृत महोत्सव के रूप में मनाने का जो संकल्प लिया गया है वह महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनांतर्गत श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण श्रृंखला है। यह महोत्सव जनभागीदारी की भावना के साथ एक जन उत्सव है। कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में जल संरक्षण अंतर्गत धमतरी में नया तालाब निर्माण कार्य 33, तालाब गहरीकरण कार्य 94,  निजी डबरी 21, सामुदायिक डबरी निर्माण 37, कुरूद में नया तालाब निर्माण कार्य 15, तालाब गहरीकरण कार्य 62,  सामुदायिक डबरी निर्माण 30, मगरलोड में नया तालाब निर्माण कार्य 48, निजी डबरी निर्माण कार्य 53, निजी कुंआ निर्माण कार्य 58, तालाब गहरीकरण एवं पचरी/पीचिंग कार्य 184, नगरी विकासखंड में 44 नया तालाब निर्माण, 240 तालाब गहरीकरण, 405 डबरी निर्माण कार्य, 30 कुआ निर्माण स्वीकृत हुआ है।

इस तरह जिले के 370 ग्राम पंचायत के 355 पंचायत में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत् 1431 कार्य चल रहे हैं। इन कार्यों में 01 लाख 12 हजार 20 श्रमिक नियोजित हैं जिसमें धमतरी में 27 हजार 09 सौ 45 श्रमिक, कुरूद में 31 हजार 06 सौ 91 श्रमिक, मगरलोड में 29 हजार 79 श्रमिक, नगरी में 23 हजार 03 सौ 05 श्रमिक हैं। जनपद पंचायत के संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर मनरेगा कार्यस्थल में जल संरक्षण हेतु शपथ दिला रहे हैं। श्रमिक भी दिलचस्पी लेते हुए स्वमेव शपथ लेकर अभियान को सफल बनाने में जुटे हुए हैं। जल संरक्षण शपथ का मुख्य उद्देश्य है कि वर्षाकाल की जल को संग्रह कर आगत समय के लिए सुरक्षित रखें। यह कहावत चरितार्थ है कि रहिमन पानी राखिये, बिन पानी सब सून, पानी गये न उबरे, मोती मानुष चून। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ने यह भी बताया कि राज्य शासन के निर्देशानुसार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनांतर्गत श्रमिकों वैश्विक महामारी कोविड-19 के संरक्षण की रोकथाम हेतु उपयुक्त व्यवहार जैसे दो गज दूरी, मास्क जरूरी एवं नियमित अंतराल पर हाथों की धुलाई, सेनिटाईजेशन को अपनाते हुए केन्द्र व राज्य शासन द्वारा दिये गये निर्देशों के परिपालन में आजादी के अमृत महोत्सव जिले के धमतरी, कुरूद, मगरलोड, नगरी, विकासखंड में 29 मार्च 2021 से 04 अप्रैल 2021 तक महात्मा गांधी नरेगा के तहत बागवानी ड्राइव जिसमें पौधे को पंचायत की नर्सरी में विकसित किया गया। 19 अप्रैल 2021 से 30 मई 2021 तक महात्मा गांधी नरेगा के तहत प्री-मानसून जल संरक्षण अभियान ''कैच द रैन'' अभियान के दौरान श्रमिकों ने जल संरक्षण हेतु शपथ लिया गया। 07 जून 2021 से 13 जून 2021 तक विकासखंड के सी.एल.एफ. को बढ़ावा देने के लिए सी.एल.एफ.-पी.आई.ए. तक कार्य किया जावेगा। 21 जून 2021 को महात्मा गांधी नरेगा के तहत निर्मित आंगनबाड़ी केन्द्रों और पंचायत भवन में योग दिवस के स्वास्थ्य अभियान और उत्सव दिवस के रूप में मनाये जायेंगे। 19 जुलाई 2021 से 01 अगस्त 2021 तक महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत सभी ग्राम पंचायतों में वृक्षारोपण अभियान के तहत पौधे लगाये जायेंगे। 23 अगस्त 2021 से 29 अगस्त 2021 तक महात्मा गांधी नरेगा अधिनियम के तहत एंटाइटेलमेंट जागरूकता सप्ताह के रूप में मनाये जायेंगे। 30 अगस्त 2021 से 05 सितम्बर 2021 तक महात्मा गांधी नरेगा के योगदान के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान कृषि और संबद्ध गतिविधियों और ग्रामीण हाटों को बढ़ावा दिया जावेगा।

27 सितम्बर 2021 से 17 अक्टूबर 2021 तक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत जी.आई.एस. बेस्ड आधारित प्लानिंग। 11 अक्टूबर 2021 से 17 अक्टूबर 2021 तक राज्य स्तरीय महात्मा गांधी नरेगा सोशल ÓÓजन सुनवाईÓ और जागरूकता का संचालन। 25 अक्टूबर 2021 से 31 अक्टूबर 2021 तक क्लीन ग्रीन विेलेज वीक (महात्मा गांधी नरेगा) सिट पिट्स, वर्मीकम्पोस्ट, नाडेप पिट, अपशिष्ट की पहचान और संकुचन का उद्देश्य इरादों का स्वागत करना, वर्मीकम्पोस्टिंग, अपशिष्ट पदार्थों का पुन: उपयोग गैर बायोडिगे्रडेबल कचरे का पुनर्चक्रण किये जायेंगे। 20 दिसम्बर 2021 से 26 दिसम्बर 2021 तक 25.12.2021 को सुशासन दिवस के साथ महात्मा गांधी नरेगा सुशासन जागरूकता सप्ताह का आयोजन किया जायेगा। 16 मई 2022 से 29 मई 2022 तक महात्मा गांधी नरेगा पूर्व-मानसून जल संधि ड्राइव। 11 जुलाई 2022 से 24 जुलाई 2022 तक महात्मा गांधी नरेगा वृक्षारोपण अभियान जिसमें ग्राम पंचायत में पौधे का रोपण कर इन सभी गतिविधियों को सुचारू रूप से संपादित करने के लिए कार्ययोजना सुनिश्चित की गई।