चांपा कलेक्टर के द्वारा नवरात्र पर्व के संबंध में दिशा निर्देश जारी

चांपा कलेक्टर के द्वारा नवरात्र पर्व के संबंध में दिशा निर्देश जारी

सक्ती जांजगीर-चांपा, 21 सितंबर। कलेक्टर यशवंत कुमार द्वारा जिले में नवरात्र पर्व के संबंध में निम्नानुसार आदेश, निर्देश जारी किया गया है। उन्होंने  मूर्ति की ऊंचाई एवं चैडाई 6x5 फीट से अधिक न हो। मूर्ति स्थापना वाले पंडाल का आकार 15 x15 फीट से अधिक न हो। पंडाल के सामने कम से कम 2400 वर्गफीट की खुली जगह हों।  खुली जगह में कोई भी सड़क अथवा गली का हिस्सा प्रभावित न हो। एक पंडाल से दूसरे पंडाल की दूरी 250 मीटर से कम न हों। 

  उन्होंने कहा कि  मुख्य मार्ग, सड़क अथवा गलियों में मूर्ति स्थापित करने की अनुमति नहीं होगी।  पंडाल, मंडप के सामने दर्शकों के बैठने हेतु पृथक से पंडाल न हो, दर्शकों एवं आयोजकों के बैठने हेतु कुर्सी नही लगायें जायेंगे। किसी भी एक समय में पंडाल एवं मंडप के सामने मिलाकर 15 व्यक्ति से अधिक न हो। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति एक रजिस्टर संधारित करेगें, जिसमें दर्शन हेतु आने वाले सभी व्यक्तियों का नाम, पता, मोबाइल नंबर दर्ज किया जायेगा ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संकमित होने पर कान्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सकें। 

मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति सीसीटीवी कैमरा लगायेगा, ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संकमित होने पर कान्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सकें। मूर्ति दर्शन अथवा पूजा में शामिल होने वाला कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के नही जायेगा। ऐसा पाये जाने पर संबंधि एवं समिति के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही किया जाऐगा। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति द्वारा सैनेटाइजर थर्मल स्कीनिंग आक्सीमीटर, हैंडवाश एवं क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जायेगी। थर्मल स्क्रीनिंग में बुखार पाये जाने अथवा कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य या. विशेष लक्षण पाये जाने पर पंडाल में प्रवेश नही देने की जिम्मेदारी समिति की होगी।  

   उपरोक्त शर्ताें के साथ धरों में मूर्ति स्थापित करने की अनुमति होगी, यदि घर से बाहर मूर्ति स्थापित किया जाता है। तो कम से कम 07 दिवस पूर्व शहरी क्षेत्रों के लिये संबंधित अनुविभागीय अधिकारी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिये तहसीलदार कार्यालय में निर्धारित शपथ पत्र मय आवेदन देना होगा। एवं अनुमति प्राप्त होने के उपरांत ही मूर्ति स्थापित करने की अनुमति होगी। 

    यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा तथा उक्त निर्देशों के उल्लंघन करने पर एपीडेमिक डिसीज एक्ट एवं विधि अनुकुल नियमानुसार अन्य धाराओं के तहत कठोर कार्यवाही की जावेगी।