breaking news New

सौरव गांगुली और राज्यपाल की मुलाक़ात से गरमाई पश्चिम बंगाल की राजनीति

सौरव गांगुली और राज्यपाल की मुलाक़ात से गरमाई पश्चिम बंगाल की राजनीति

नई दिल्ली, 28 दिसंबर। भारतीय क्रिकेट टीम का नेतृत्व करने वाले पश्चिम बंगाल के इकलौते क्रिकेटर और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) अध्यक्ष सौरव गांगुली के राजनीति में शामिल होने की अटकलें तो वर्ष 2011 के विधानसभा चुनावों से ही लगती रही हैं.

लेकिन रविवार को राजभवन में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ के साथ दो घंटे तक चली सद्भावना मुलाक़ात के बाद प्रिंस ऑफ़ कोलकाता के राजनीति में उतरने और अगले विधानसभा चुनावों में राज्य में बीजेपी का चेहरा बनने के क़यास अचानक तेज़ हो गए हैं.

हालांकि सोमवार सुबह दिल्ली रवाना होने से पहले एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने पलट कर सवाल दाग़ा, “क्या मैं किसी से बात नहीं कर सकता हूँ?”

सौरव रविवार को शाम अचानक राजभवन पहुँचे और राज्यपाल के साथ लंबी बैठक की. लेकिन राज्यपाल जदगीप धनखड़ ने जिस तरह बीते साल कार्यभार संभालने के बाद से ही ममता बनर्जी और उनकी सरकार के ख़िलाफ़ आक्रामक रवैया अपना रखा है, उसकी वजह से इस मुलाक़ात को लेकर अटकलें अचानक तेज़ हो गईं. 

लेकिन राजभवन से बाहर निकलने पर सौरव ने कहा, “यह सद्भावना मुलाक़ात थी. बीते साल से कार्यभार संभालने के बावजूद राज्यपाल ने अब तक ईडेन का दौरा नहीं किया था. इसलिए मैं उनको इसका न्योता देने आया था.”

एक अन्य सवाल पर उन्होंने कहा कि बैठक में क्रिकेट से इतर किसी मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई. बीसीसीआई प्रमुख ने कहा, “इस सद्भावना मुलाक़ात पर कोई क़यास मत लगाए. अभी राज्यपाल के ईडेन दौरे की तारीख़ तय नहीं हुई है.”

लेकिन दूसरी ओर, राज्यपाल ने इस मुलाक़ात के बाद जारी बयान में कहा, “दादा के साथ बैठक के दौरान ईडेन गार्डेन के दौरे के अलावा विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई." लेकिन बयान में बाक़ी मुद्दों के बारे में जानकारी नहीं दी गई है.

राज्यपाल धनखड़ ने बताया कि उन्होंने ईडेन गार्डेन के दौरे का न्योता स्वीकार कर लिया है. बीसीसीआई अध्यक्ष के अपने गृह राज्य के राज्यपाल को ईडेन गार्डेन जैसे ऐतिहासिक स्टेडियम के दौरे का न्योता देने में कोई बुराई नहीं है. लेकिन सवाल इसकी टाइमिंग पर उठ रहे हैं. अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल की राजनीति लगातार गरमा रही है. यही वजह है कि गांगुली की राजनीति में एंट्री के क़यास तेज़ हो रहे हैं.