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सूखने लगे स्कूलों के हलक... खंड शिक्षा अधिकारी ने स्कूलों से मांगी जानकारी

सूखने लगे स्कूलों के हलक... खंड शिक्षा अधिकारी ने स्कूलों से मांगी जानकारी

राजकुमार मल



भाटापारा- गिरते भू-जल का असर, स्कूलों में पानी संकट के रूप में प्रवेश कर चुका है। आ रही जानकारियों को ध्यान में रखते हुए  खंड शिक्षा विभाग ने स्कूलों से कहा है कि वह प्राथमिकता के आधार पर वस्तु स्थिति से अवगत करवाएं ताकि समय रहते इस पर काम किया जा सके।

तेज धूप और बढ़ते तापमान से भूजल स्तर का गिरते जाना, आबादी के बाद अब स्कूलों में नए संकट के रूप में पहुंच चुका है। प्राथमिक जानकारी के बाद यह स्पष्ट होता जा रहा है कि समय रहते जरूरी उपाय नहीं किए गए तो संकट का पहला असर मध्यान्ह भोजन पर देखने में आ सकता है। लिहाजा खंड शिक्षा अधिकारी ने क्षेत्र की सभी स्कूलों से  जल उपलब्धता की सही जानकारी मांगी है।

द्वार पर संकट

चढ़ता पारा। तपती धरती। बेहिसाब जल दोहन और गिरता भूजल स्तर, जिस रूप में  स्कूलों के द्वार पर दस्तक दे रहा है, इसका पहला असर  रुक-रुक कर पानी का आना के रूप में दिखाई देने लगा है। जिन स्कूलों में स्थिति नियंत्रण से बाहर जा चुकी है, वहां स्थानीय प्रशासन के टैंकर की मदद का लिया जाना चालू हो चुका है। आगत दिनों में यह स्थिति और विकट हो सकती है, यदि समय रहते उपाय नहीं किए गए तो।

इसलिए मांगी जा रही जानकारी



खंड शिक्षा विभाग ने क्षेत्र की स्कूलों से जल उपलब्धता की पूरी जानकारी इसलिए मांगी है क्योंकि कक्षा पहली से  आठवीं तक की परीक्षाएं चल रही हैं। इसके अलावा मध्यान्ह भोजन जैसी महत्वपूर्ण योजना पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। लिहाजा खंड शिक्षा अधिकारी ने स्कूलों से हैंडपंप और बोरवेल की स्थिति की जानकारी मांगी है।

मदद यहां से

पानी संकट से निजात के लिए विभाग ने नगरीय क्षेत्र की स्कूलों से कहा है कि जनप्रतिनिधियों  और स्थानीय प्रशासन से पेयजल उपलब्धता के लिए आग्रह किया जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों को दी गई सलाह के अनुसार ग्राम पंचायतों से पानी के लिए मदद लिए जाने के लिए कहा गया है। स्कूलों से रिपोर्ट मिलने के बाद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से आग्रह की योजना बनाई जा रही है।

लेंगे पी एच ई से सहयोग

स्कूलों में पेयजल संकट की जानकारियां आने लगीं हैं। इसमें स्थानीय प्रशासन की मदद लिए जाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। जहां जल स्तर नीचे चला गया है वहां अतिरिक्त पाइप डालने के लिए पीएचई से सहयोग लेने की योजना है।

- के के यदु, खंड शिक्षा अधिकारी, भाटापारा