First.flash : क्वींस क्लब सील हुआ, 14 लोगों पर लॉकडाउन के उल्लंघन मामले में एफआईआर दर्ज

First.flash : क्वींस क्लब सील हुआ, 14 लोगों पर लॉकडाउन के उल्लंघन मामले में एफआईआर दर्ज

रायपुर. वीआईपी रोड स्थित क्विंस क्लब पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस प्रशासन ने उसे सील कर दिया है. 14 लोगों पर लॉकडाउन के उल्लंघन मामले में एफआईआर दर्ज हुई है. इनमें हर्षित सिंघानिया, नमित जैन, सूरज शर्मा, संस्कार पांडेय, करन सोनवानी, अभिजीत कौर निरंकारी, ट्विंकल सिंह, अमित धवल, मीनल, राजवीर सिंह, हितेश पटेल के नाम शामिल हैं.

पुलिस सूत्रों के अनुसार क्विंस क्लब संचालकों ने कार्यवाही रोकने ​के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा लिया मगर सारी कवायद फेल रही. कलेक्टर और आइएएस एस. भारती दासन और एसपी आइपीएस अजय यादव ने इसे बड़ी गंभीरता से लिया है इसीलिए कड़ी कार्यवाही की गई.

ज्ञात रहे ये वही होटल है जिसमे कुछ दिनों पहले हुक्का पार्टी चल रहा था जिसमें तेलीबांधा थाना प्रभारी मोहसिन खान ने कार्रवाई की थी। जो बड़े रसूखदारों को पसंद नही आया था और उसका तबादला कर दिया गया था. कल से वीआईपी रोड स्थित क्वींस क्लब में शराब परोसने और उसमें गोली चलने का मामला राजधानी में सुर्खियां बना हुआ है. कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं. इस क्लब को वीआईपीज का अडडा माना जाता है. आश्चर्य कि क्वींस क्लब की जगह विधायकों के क्लब के नाम पर हाऊसिंग बोर्ड से औने पौने पर ली गई है.

कल इस क्लब में एक बर्थडे पार्टी का आयोजन था. इसी दौरान कुछ युवकों और युवतियों में विवाद हुआ तथा गोली चल गई. इसके पहले जमकर शराबखोरी का दोर भी चला. पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह समेत कई दिग्गजों के आवास मौलश्री विहार और विधायकों के निवास क्वींस क्लब से लगे हुए हैं. यानि यह वीआईपी इलाका है. इसके बावजूद लॉकडाउन में इस तरह की गति​विधियां कई तरह के सवाल खड़े करती हैं.

तेलीबांधा थाना की चुप्पी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. माना जा रहा है कि यह थाना वीआईपीज दबाव में रहता है इसलिए किसी भी मामले में कोई कड़ी कार्रवाई नही होती. कई होटलों में कई तरह के मामले सामने आए मगर सब दबा दिए गए. लॉकडाउन के दौरान पार्टी कैसे आयोजित हुई, यह सवाल सबसे बड़ा है पर कोई अधिकारी इस पर कुछ भी कहने से बच रहा है. पुलिस अधिकारी भी जांच का हवाला देकर इतिश्री कर ले रहे हैं.

इधर, हवाई फ़ायर करने वाले युवक को सीएसपी नसर सिद्दकी और स्टाफ़ ने तत्काल पहुँचकर हिरासत में ले लिया है. सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या लॉकडाउन के दौरान इस तरह की पार्टी की अनुमति ली गई. यदि नही तो प्रशासन क्या कार्रवाई करने जा रहा है ताकि राजधानी में एक कड़ा संदेश जाए. क्योंकि आम आदमी को लॉकडाउन के नियम पुलिसिया डंडा दिखाकर मनवाए जा रहे हैं और दूसरी ओर रसूखदारों को छूट दी जा रही है.

इस क्लब को शहर के कुछ पावरफूल लोगो के जमावड़ा के तौर पर जाना जाता है. मंत्री, विधायक और ब्यूरोक्रेटस तक इसमें आते रहे हैं और यहां की विशेष सर्विस का फायदा उठाया जाता है. आश्चर्य कि पूरा शहर लाकडाउन है और यहां पर शराब परोसी जा रही थी. इसके पहले भी इसी मार्ग पर स्थित कई होटलों में लाकडाउन तोड़ने के मामले हो चुके हैं.

बताया जाता है कि क्वींस क्लब की जमीन हाउसिंग कोर्ड से औने पौने दाम पर ली गई है. जबकि बहुत सी जमीन पर कब्जा भी है. आश्चर्य कि इसी होटल से लगी विधायक आवास कॉलोनी भी है. इसके बावजूद होटल में यह गतिविधियां संचालित हो रही हैं. इसकी बड़ी वजह पास ही स्थित तेलीबांधा थाना है जो हमेशा चुप्पी साधे रहता है या आंखे बंद किए रहता है. बताया जाता है कि जो भी बड़ा पुलिस अधिकारी आता है, वह होटलों के प्रबंधन के साथ सेट हो जाता है इसलिए कार्यवाही ना के बराबर होती है.