breaking news New

गिरौदपुरी धाम : गुरू दर्शन मेले में उमड़ा सतनामी समाज, गुरू गद्दीनशीन विजय गुरू और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्र कुमार ने श्रद्धालुओं को दिए दर्शन, कल समापन में सीएम शामिल होंगे

गिरौदपुरी धाम : गुरू दर्शन मेले में उमड़ा सतनामी समाज, गुरू गद्दीनशीन विजय गुरू और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्र कुमार ने श्रद्धालुओं को दिए दर्शन, कल समापन में सीएम शामिल होंगे

जनधारा समाचार
रायपुर. महान संत बाबा गुरू घासीदास की जन्मभूमि और तपोभूमि गिरौदपुरी धाम में गुरूदर्शन मेला की शुरूआत कल 18 मार्च से शुरू हो गयी है। तीन दिवसीय मेला 20 मार्च तक चलेगा. सीएम भूपेश बघेल कल 20 मार्च को गुरु दर्शन मेले में शामिल होंगे.


गुरूदर्शन मेला में प्रदेश और देश-विदेश से लाखों की संख्या में सतनाम पंथ के अनुयायियों का समागम होता है। कोरोना वायरस का संकट अभी टला नहीं है। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए

गिरौदपुरी मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं गुरू गद्दीनशीन विजय गुरू और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने संयुक्त रूप मेला स्थल का दौरा किया. उन्होंने कई व्यवस्थाओं, सुविधाओं का जायजा लिया तथा भक्तों को होने वाली समस्याओं को दूर करने के निर्देश अधिकारियों को दिए.

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने मेला में आने वाले श्रद्धालुओं से गाइडलाइन का पालन करने अपील की है। जिला प्रशासन बलौदाबाजार-भाटापारा की ओर से गिरौदपुरी मेला में कोरोना से बचाव से संबंधित अपील जारी की गई है।



गुरू गद्दीनशीन विजय गुरू और मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने जारी संयुक्त अपील में कहा है कि गिरौदपुरी मेला बाबा गुरू घासीदास के प्रति न केवल हमारी आस्था का प्रतीक है, बल्कि देशभर के लाखों श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केन्द्र भी है। हर वर्ष ही तरह इस वर्ष भी मेले का आयोजन 18 से 20 मार्च तक तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया जा रहा है। बाबा गुरू घासीदास के आशीर्वाद से मेला का सफल आयोजन होगा। सतनाम पंथ के अनुयायियों एवं समाज के सभी श्रद्धालु भाईयों, बहनों, माताओं और बुजुर्गों से अपील है कि हम सब पिछले एक साल से कोरोना महामारी से लड़ रहे हैं। यह एक भयानक संक्रामक रोग है, जो हमारी जरा सी असावधानी, लापरवाही और कोरोना से बचाव के उपायों की अनदेखी से पुन: विकराल रूप ले सकता है। अत: शासन द्वारा जारी गाइडलाइन तथा दिशा-निदेर्शों का पालन किया जाए।



अपील में यह भी कहा गया है कि मेला स्थल पर आएं, गुरू गद्दी का दर्शन करें, जैतखाम को नमन करें और वापस अपने घरों को लौट आएं। घर में श्रद्धा से बाबा का स्मरण करें। उनका आशीर्वाद सदा आप पर बना रहेगा। इस वर्ष मेला स्थल पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन नहीं किया जा रहा है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लम्बे समय तक एक स्थल पर जुटे रहने से कोरोना संक्रमण की संभावना बलवती हो सकती है। इसलिए श्रद्धालुओं को रात्रि विश्राम न करने की सलाह दी जाती है। गुरूदर्शन एवं पूजा पाठ के बाद सभी अपने-अपने घर लौट जाएं। आप सभी से यह भी अपील है कि मेला स्थल पर भीड़ न लगाएं, आपस में पर्याप्त दूरी बनाए रखें। अनिवार्य रूप से मास्क लगाकर मेला स्थल पर पूजा-अर्चना करें। अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा का ध्यान रखें।